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WI vs AUS: 'हमने साथ में 90 मैच खेले हैं..' मिचेल स्टार्क के 100वें टेस्ट में प्लेइंग 11 से बाहर रखे जाने पर नाथन लायन ने जताई नाराजगी

Nathan Lyon Angry: वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में मेहमान टीम ने दिग्गज गेंदबाज नाथन लायन को 12 साल में पहली बार ड्रॉप करने का निर्णय किया था इस पर लायन ने नाराजगी व्यक्त की है।

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नाथन लायन (फोटो- ICC)

Nathan Lyon Angry: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर नाथन लायन को वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई, जिसे लेकर उन्होंने खुलकर अपनी निराशा जाहिर की। यह मुकाबला साबीना पार्क, जमैका में पिंक बॉल डे-नाइट टेस्ट के रूप में खेला गया। लायन पूरी तरह फिट और चयन के लिए उपलब्ध थे, लेकिन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट ने तेज गेंदबाजों को तरजीह दी।

ऑस्ट्रेलियाई चयन समिति के सदस्य टोनी डोडेमेड ने स्पष्ट किया कि यह फैसला लायन की फॉर्म या फिटनेस के आधार पर नहीं लिया गया, बल्कि यह "असाधारण परिस्थितियों" की वजह से किया गया था। उन्होंने कहा कि “हमने पिच की पुरानी रिकॉर्डिंग, डेटा और ट्रेनिंग विश्लेषण से पाया कि यहां स्पिन की भूमिका सीमित रहेगी।'

लायन ने जताई नाराजगी

नाथन लायन ने इस पर नाराजगी जताई और उन्होंने ईएसपीएनक्रिकइंफो से कहा कि - “इस बात को छिपाने का कोई फायदा नहीं, मैं इस फैसले से निराश था, लेकिन मैं इसे पूरी तरह समझता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि- “मुझे दो स्तरों पर निराशा हुई—एक, मैं मानता हूं कि मैं किसी भी परिस्थिति में योगदान दे सकता हूं, और दूसरा, मैं अपने दोस्त मिचेल स्टार्क के साथ मैदान पर उतरना चाहता था, खासकर जब वह अपना 100वां टेस्ट खेल रहे थे। हमने लगभग 90 टेस्ट एकसाथ खेले हैं। लेकिन फिर भी, मैं टीम के साथ था, ड्रिंक्स लेकर दौड़ता रहा और समर्थन करता रहा।”

मिचेल स्टार्क का ऐतिहासिक प्रदर्शन

हालांकि लायन मैदान पर नहीं उतरे, लेकिन मिचेल स्टार्क ने इस मुकाबले को ऐतिहासिक बना दिया। अपने 100वें टेस्ट में उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में पांच विकेट चटकाकर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज फाइव विकेट हॉल हासिल किया। उन्होंने पहले ही ओवर में तीन विकेट झटके और पूरी पारी में 6 रन देकर 9 विकेट लिए।

वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक हार

वेस्टइंडीज की पूरी टीम केवल 27 रन पर ढेर हो गई, जो टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में दूसरा सबसे कम स्कोर है। यह स्कोर 1955 में न्यूज़ीलैंड के बनाए गए 26 रनों के रिकॉर्ड से थोड़ा ही ज्यादा था। स्टार्क के अलावा स्कॉट बोलैंड ने भी हैट्रिक लेकर मेज़बान टीम की कमर तोड़ दी।

ऑस्ट्रेलिया ने किया 3-0 से सीरीज क्लीन स्वीप

ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला 176 रनों से जीतकर न सिर्फ वेस्टइंडीज को हराया बल्कि फ्रैंक वॉरेल ट्रॉफी भी अपने पास बरकरार रखी। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज को 3-0 से अपने नाम किया और कैरेबियाई धरती पर अपनी गिरती पकड़ को फिर से मजबूत किया।

SIddharth Sharma
SIddharth Sharma author

सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुन... और देखें

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