आईपीएल 2026 के 15वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। ईडन गार्डन्स में मुकाबले से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी चर्चा में हैं। उन्होंने ऐसा बयान दिया है कि जिससे क्रिकेट जगत में हंगामा मच गया है। शमी ने टीम इंडिया के चयनकर्ताओं को फिर से आड़े हाथ लिया है।
चोट से उबरने के बाद बंगाल के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, मोहम्मद शमी राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे हैं। मंगलवार को वह बंगाल प्रो टी20 लीग के तीसरे सीजन के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्या रहाणे और उनके उप-कप्तान रिंकू सिंह भी मौजूद रहे। इस मौके पर शमी ने मैच से जुड़े सवालों के जवाब दिए। साथ ही टीम में चयन होने के सवाल पर बड़ा बयान दिया।
'हम मजदूर आदमी'
शमी ने चुटकी लेते हुए कहा, हम मजदूर आदमी हैं, हमें बस गेंद डालनी है। जीवन में उतार-चढ़ाव आएंगे, चोटें भी लगेंगी, लेकिन आपको जमीनी स्तर पर की गई अपनी कड़ी मेहनत को कभी नहीं भूलना चाहिए। अगर आप बहुत सी 'शानदार चीजों' के पीछे भागते हैं, तो वही आपकी कमजोरी बन जाती है। आजकल हर कोई सोशल मीडिया के पीछे पड़ा है।
यूपी के अमरोहा में जन्मे इस तेज गेंदबाज ने बंगाल से अपने गहरे जुड़ाव को दोहराते हुए इसे अपनी 'कर्मभूमि' बताया और जोर देकर कहा कि खेल के प्रति उनका जुनून आज भी बरकरार है।
'अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा'
शमी ने कहा, मैं एक किसान परिवार में पैदा हुआ हूं और मैंने अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा है। एक खिलाड़ी के रूप में, मुझमें अभी भी वही भूख है। अगर आप उस स्तर पर दोबारा खेलना चाहते हैं, तो आपके अंदर वह जुनून होना चाहिए। मेरे लिए घरेलू क्रिकेट उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कोई और प्रारूप। मैं हमेशा घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता देता हूं, और मैंने हमेशा यही कहा है, भले ही मेरा जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ हो, बंगाल मेरी 'कर्मभूमि' है। जब तक मेरे अंदर खेलने के लिए जान है मैं बंगाल के लिए खेलूंगा।
चोट से उबरने के बाद बंगाल के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद मोहम्मद शमी राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे हैं। हाल ही में समाप्त हुई रणजी ट्रॉफी में शमी सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में टॉप-6 में शामिल रहे। उन्होंने 16.72 के प्रभावशाली औसत से 37 विकेट लिए। शमी ने बंगाल को सेमीफाइनल तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई।
