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'बोलो तो यार,' MS Dhoni को किसने सिखाई विकेट के पीछे से अतरंगी बातचीत की कला! मोहम्मद कैफ ने किया बड़ा खुलासा

मोहम्मद कैफ ने श्रीलंका और भारत के पहले टेस्ट मैच के बीच एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एमएस धोनी को एक दो बार विकेट के पीछे से बोलने की सलाह दी थी। कैफ ने यह भी बताया कि हालांकि, धोनी ने उनका सलाह नजरअंदाज करते हुए अपनी कीपिंग पर फोकस किया था।

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कैफ ने धोनी की कीपिंग को लेकर किया बड़ा खुलासा। फाइल फोटो

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के दौरान ऋषभ पंत की विकेटकीपिंग के दौरान बातचीत काफी चर्चा में रही। इस पर बात करते हुए पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ (Mohammad Kaif) ने बड़ा खुलासा किया। कैफ ने बताया कि उन्होंने धोनी (Dhoni) को कई बार कुछ ना कुछ बोलने की सलाह दी थी। कैफ ने कीपिंग के दौरान अतरंगी बातचीत को लेकर कहा कि अंत में फील्डर का मकसद टीम की जीत होना चाहिए।

गॉल टेस्ट मैच के पिछले तीन दिनों के खास पलों में से एक, ऋषभ पंत (Rishabh Pant) की विकेटकीपिंग के पीछे की उनकी अतरंगी हरकतें और सतरंगी बातचीत काफी वायरल हुई। उनकी हरकतों पर अजय जडेजा, अजिंक्य रहाणे और मोहम्मद कैफ अपने-अपने विचार साझा किए। सोनी स्पोर्ट्स के शो एक्स्ट्रा इनिंग के दौरान कैफ ने कहा कि उन्होंने धोनी को उनके शुरुआती दिनों में विकेट के पीछे से कुछ ना कुछ बोलते रहने की सलाह दी थी।

'मैंने कहा- थोड़ा बोलो तो'

कैफ ने कहा, अपना-अपना स्टाइल होता है। जैसे धोनी साहब थे, आज बताना चाहूंगा। मैंने धोनी को एक दो बार ऐसे बोल दिया जोर से, कि थोड़ा आवाज तो लगाओ। महेंद्र सिंह धोनी को मैंने ही बोला। मैं खड़ा था, मैंने कहा थोड़ा बोलो तो यार। जब वो नए-नए आए थे 2004 की बात कर रहा हूं। वो बोलते ही नहीं थे। गेम चल रहा है वो बॉल पकड़े जा रहे हैं। कीपिंग में बहुत बेहतर थे अपने जोन में थे वो। अपना स्टाइल था। मैं और युवराज सिंह फील्डिंग करते थे तो हर बॉल पर बोलना, चिल्लाना। खिलाड़ियों को सचेत रखते थे। मिलकर खेलना है, सिंगल लेगा। पीछे से रहो। आगे रहो, ये नया बैट्समैन आया है। ऐसे बात करते थे।

'यार धोनी भाई आवाज लगाओ'

पूर्व क्रिकेटर ने कहा, धोनी साहब नहीं बोलते थे। उनको मैंने कई बार बोला कि भाई धोनी यार आवाज तो लगाओ। पर उन्होंने अपना गेम चेंज नहीं किया। वो वैसे ही रहे। मेरी बात सुनकर उन्होंने नजरअंदाज कर दिया। उनको पता है कि मुझे अपने जोन में रहना है। मुझे बॉल पकड़नी है। मेरा काम है कीपिंग अच्छी करना। कैच पकड़ना, स्टंपिंग करना। वो उनका अपना तरीका है। पंत का अपना तरीका है। वो अगर चिल्ला-चिल्लाकर, मजे लेकर, बोलकर अपने आपको विकेट के पीछे मुस्तैद रखते हैं तो ये उनके लिए काम कर रहा है। हर प्लेयर का अपना स्टाइल होता है तैयारी करने का। मेन चीज यह है कि आप कैसे टीम की जीत में अपना योगदान दे सकते हो। फील्ड पर आपका प्रदर्शन निखर कर आना चाहिए, तरीके अलग हो सकते हैं, पर मकसद टीम की जीत होना चाहिए।

पंत-जडेजा के बीच हुई मजेदार बातचीत

बता दें कि फील्डिंग के दौरान पंत और सरफराज के बीच मजेदार बातचीत हुई थी। इसके बात तीसरे दिन ऋषभ पंत और जडेजा के बीच मजेदार बातचीत हुई जो, स्टंप माइक में रिकॉर्ड हो गई। इसके बाद यह इस टेस्ट मैच के खास पलों में से एक बन गया। वहीं, रवींद्र जडेजा ने मानव सुथार की पहली गेंद पर विकेट लेने वाली गेंद की तारीफ की है।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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