Michael Bracewell: न्यूजीलैंड में क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए अब देश से बड़ा पैसा बनता जा रहा है। ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल का हालिया कारनामा यही साबित करता है। 35 साल के ब्रेसवेल ने न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट छोड़ दिया है और कैजुअल प्लेइंग कॉन्ट्रैक्ट ले लिया है। इसकी मुख्य वजह ऑस्ट्रेलिया की टी20 लीग बिग बैश लीग यानि BBL है। ICC की वेबसाइट के मुताबिक, ब्रेसवेल अब BBL में खेलते नजर आएंगे। ये कोई पहला मामला नहीं है। ब्रेसवेल से ठीक एक महीने पहले मार्क चैपमैन ने भी 2026/27 सीजन के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट छोड़कर कैजुअल कॉन्ट्रैक्ट लिया था।
पहले भी कई खिलाड़ी कर चुके हैं ऐसा
मार्क चैपमैन से पहले फिन एलन, लॉकी फर्ग्यूसन, एडम मिल्ने और टिम साइफर्ट जैसे स्टार खिलाड़ी भी बोर्ड के सालाना कॉन्ट्रैक्ट को ठुकराकर लीग क्रिकेट की तरफ चले गए थे। इससे साफ है कि न्यूजीलैंड के खिलाड़ी अब सिक्योरिटी से ज्यादा पैसों और फ्रीडम को चुन रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बोर्ड अपने खिलाड़ियों को रोक पाने में नाकाम हो रहा है? बता दें कि न्यूजीलैंड क्रिकेट का कैजुअल कॉन्ट्रैक्ट वाला फॉर्मूला खिलाड़ियों को ये छूट देता है कि वो बोर्ड की परमिशन से लीग खेल सकें और साथ ही नेशनल टीम के लिए भी उपलब्ध रहें।
भारत के खिलाफ खेलेंगे ब्रेसवेल
इसी वजह से ब्रेसवेल भारत के खिलाफ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज में खेलेंगे। वो अब तक 105 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। ब्रेसवेल ने खुद कहा, "न्यूजीलैंड क्रिकेट ने मुझे इस स्टेज पर ये मौका दिया, इसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं। मैं सिर्फ व्हाइट-बॉल का खिलाड़ी हूं, इसलिए BBL जैसा मौका बार-बार नहीं मिलता। मैं अब भी ब्लैक कैप्स के लिए पूरी तरह से कमिटेड हूं और इंडिया दौरे को लेकर एक्साइटेड हूं।" उनकी जगह बोर्ड ने घरेलू क्रिकेट के रन मशीन निक केली को मौका दिया है। लेफ्ट हैंडेड बल्लेबाज केली ने कई सालों तक डोमेस्टिक में लगातार रनों का अंबार लगाया है। 30 की उम्र पार करने के बाद उन्हें पहली बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिला है। कोच रॉब वॉल्टर ने कहा कि देर से डेब्यू करने वाले खिलाड़ी अपने गेम को ज्यादा बेहतर समझते हैं और प्रेशर हैंडल करना जानते हैं।
