लंदन: टी20 क्रिकेट के आगमन और दुनिया भर में टी20 लीग क्रिकेट के तेजी से उभार के बाद से वनडे क्रिकेट के वजूद पर सवाल उठ रहे हैं। कई पूर्व दिग्गज खिलाड़ी वनडे क्रिकेट की रोचकता को बरकरार रखने के लिए कई तरह के सुझाव भी दिए हैं। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने तो सालों पहले वनडे को टेस्ट की तरह दो-दो पारियों के मुकाबले में तब्दील करने की बात कही थी जिससे कि बीच के ओवरों की नीरसता कम हो सके और बदलाव के दौर का सामना कर सके। लेकिन अबतक किसी ने भी वनडे क्रिकेट के भविष्य को बरकरार रखने के लिए कदम नहीं उठाए गए हैं।
सीमित की जाए द्विपक्षीय वनडे मैचों की संख्या
ऐसे में क्रिकेटों के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब यानी एमसीसी ने वनडे क्रिकेट के रोमांच को बनाए रखने के लिए साल 2027 के बाद द्विपक्षीय एकदिवसीय सीरीज की संख्या को सीमित करने का सुझाव दिया है। एमसीसी ने पूछा है कि पहले से ही व्यस्त कार्यक्रम में ऐसी सीरीज का क्या औचित्य है?
मैचों में कमी से बढ़ेगी गुणवत्ता
लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेले गए मौजूदा एशेज टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट के दौरान लॉर्ड्स में एमसीसी की बैठक भी हुई। एमसीसी की 13 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष ने कहा, वनडे क्रिकेट में कमी से ही वनडे की गुणवत्ता में सुधार आएगा। विश्व कप के आयोजन के एक साल पहले ही वनडे क्रिकेट खेली जानी चाहिए। इससे फ्यूचर टूर प्रोग्राम को ही राहत मिलेगी।
आईसीसी 2023 से 2027 का फ्यूचर टूर कार्यक्रम जारी कर चुकी है। ऐसे में आईसीसी के क्रिकेट समिति के जनरल मैनेजर वसीम खान ने मई में कहा था कि बदलाव के दौर में अंतरराष्ट्रीय और लीग क्रिकेट का सहअस्तित्व बना रहेगा और इंटरनेशनल क्रिकेट अपनी राह बना लेगा।
टेस्ट क्रिकेट के लिए दिया जाए अतिरिक्त धन
एमसीसी समिति ने टेस्ट क्रिकेट को अहम और जीवंत बनाये रखने के लिये अतिरिक्त धन देने का भी प्रस्ताव रखा है। बैठक में इस बारे में कहा गया, 'समिति लगातार सुनती आ रही है कि कई देशों में धनाभाव में पुरुषों के टेस्ट क्रिकेट की मेजबानी संभव नहीं है। इसके लिये टेस्ट क्रिकेट को अतिरिक्त कोष की दरकार है। इसके साथ ही समिति ने महिला क्रिकेट को मजबूत बनाने के लिये भी अतिरिक्त कोष देने का सुझाव दिया।
इंग्लैंड के पूर्वकप्तान माइक गेटिंग की अध्यक्षता वाली समिति में भारत से सौरव गांगुली और झूलन गोस्वामी हैं। उन्होंने 2027 के बाद पुरूष क्रिकेट के भावी दौरा कार्यक्रम में संतुलन बनाने की भी मांग की।
