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प्रिंस के किंग बनने की कहानी, लखनऊ और पंत को मिला नया मैच विनर

लखनऊ सुपर जायंट्स की गेंदबाजी इस सीजन ज्यादा प्रभावी लग रही है। इस बार प्रिंस यादव के तौर पर उसे एक नया चैंपियन गेंदबाज मिल गया है। शुरुआती दो मैच में इस गेंदबाज ने कमाल का काम किया है।

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प्रिंस यादव (साभार-X)

आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 7वें नंबर पर रही थी। इस सीजन में लखनऊ की बल्लेबाजी कमाल की रही थी, लेकिन गेंदबाजी में टीम संघर्ष कर रही थी। इस बार लखनऊ ने यह गलती सुधार ली है। गेंदबाजी कमाल कर रही है और दूसरे ही मैच में टीम ने जीत का स्वाद चख लिया। इसके पीछे टीम की गेंदबाजी और खासतौर से प्रिंस यादव का प्रदर्शन है, जिन्होंने दो मैच में 4 विकेट चटकाए हैं। उन्होंने अक्षर पटेल और ईशान किशन जैसे अनुभवी भारतीय बल्लेबाजों के डिफेंस को भेदने में सफल रहा। दूसरे मैच में प्रिंस की गेंदबाजी देखकर नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अब वह प्रिंस से किंग बन चुके हैं, लेकिन उनका यह सफर कहीं से भी आसान नहीं था।

पिता ने हुनर को पहचाना

कुछ साल पहले तक नजफगढ़ में रहने वाले रेलवे सुरक्षा बल के सहायक सब इंस्पेक्टर (एएसआई) राम निवास यादव अपने सबसे छोटे बेटे प्रिंस के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित थे, जिसकी दिलचस्पी केवल टेनिस बॉल टूर्नामेंट में यॉर्कर गेंदबाजी करने में थी। लेकिन इस युवा क्रिकेटर को खुद पर भरोसा था और उसने अपने पिता से सीधे शब्दों में कह दिया, ’’आप मेरी चिंता करना छोड़ दो। मैं अपने से कुछ कर लूंगा।’’

प्रिंस के पिता रामनिवास ने कहा, ’’कोई भी पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित होगा और मैं भी था। 18 साल की उम्र तक उसने चमड़े की गेंद से एक बार भी गेंदबाजी नहीं की थी। मैंने उसे दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर किया। वह शारीरिक रूप से फिट था, लेकिन लिखित परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयार नहीं था क्योंकि उसका ध्यान कहीं और था।’’

रामनिवास ने आखिर अपने बेटे की जिद मान ली क्योंकि उनके पास अपने बेटे का साथ देने के अलावा कोई और विकल्प नहीं था। उन्होंने कहा, ’’बेटे की ज़िद है और हमें पूरा करना था। एक एएसआई के वेतन में कितना ही गुज़ारा हो पाता है। लेकिन मुझे खुशी है कि मैंने उसे अपनी इच्छा पूरी करने दी।’’

प्रिंस के शानदार प्रदर्शन के बाद अब नजफगढ़ के खेड़ा डाबर गांव से भी लोग उनके घर पर बधाई देने के लिए आने लगे हैं। उन्होंने कहा, ’’पहले हमारे इस इलाके को लोग इसलिए जानते थे क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति साहिबा (प्रतिभा पाटिल) चौधरी ब्रह्म प्रकाश आयुर्वेदिक संस्थान का उद्घाटन करने (2012में) यहां आई थी। अब हमारा इलाका क्रिकेट के लिए फेमस हो गया है।’’

अमित और सांगवान ने प्रिंस के हुनर को तराशा

प्रिंस के पिता राम निवास के अनुसार प्रिंस के पहले और अब तक के एकमात्र कोच अमित वशिष्ठ और भारत के अंडर-19 विश्व कप विजेता तेज गेंदबाज प्रदीप सांगवान ने उनके खेल में निखार लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, "मैं अमित सर का जितना भी शुक्रिया अदा करूं, कम है। उन्होंने प्रिंस को टेनिस टूर्नामेंट खेलते हुए देखा और उसे नजफगढ़ स्थित अपनी अकादमी से जुड़ने के लिए कहा। प्रदीप जी (सांगवान) भी अमित सर के शिष्य थे और उन्होंने प्रिंस को फिटनेस में मदद की।’’

रेत ढोकर खुद को किया मजबूत

एक समय ऐसा भी था जब प्रिंस अपनी पीठ पर रेत की बोरी बांधकर धान के खेतों में दौड़ते थे ताकि उनके शरीर का ऊपरी हिस्सा मजबूत बन जाए। रामनिवास ने कहा, ’’प्रदीप ने उसका बहुत मार्गदर्शन किया और अमित सर ने उसके खेल में सुधार किया। मैं डीपीएल (दिल्ली प्रीमियर लीग) और नयी दिल्ली टीम को कैसे भूल सकता हूं। अगर डीपीएल नहीं होता, तो मुझे नहीं लगता कि मेरे बेटे की प्रगति इतनी तेज़ होती। इसलिए मैं डीडीसीए और विजय दहिया सर का भी आभारी हूं।’’

प्रिंस के बारे में क्या कहते हैं कोच

प्रिंस के कोच वशिष्ठ ने कहा, ’’वह यॉर्कर गेंदें फेंक सकता था और टेनिस बॉल को भी अच्छी गति से स्विंग करा सकता था। जब मैंने उसे देखा तो मैंने उसके दोस्तों से कहा कि वे उसे मुझसे मिलने के लिए कहें। वह पहले से ही 18 साल का था और उसके पास अपनी काबिलियत साबित करने के लिए बहुत कम समय था।’’ वशिष्ठ को लगता है कि प्रिंस की कड़ी मेहनत करने की क्षमता ही उन्हें दूसरों से अलग बनाती है।

भरत अरुण और जहीर खान के साथ का फायदा

उन्होंने कहा, ’’वह कड़ी मेहनत करने से पीछे नहीं हटा। वह दिल्ली की भीषण गर्मी में भी दो घंटे गेंदबाजी कर सकता है। प्रदीप के साथ काम करने से उसकी फिटनेस में सुधार हुआ है। वह जहीर खान और भरत अरुण से भी टिप्स ले चुका है। अब उसकी सफलता की कोई सीमा नहीं है।’’

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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