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कोहली-रोहित को कपिल देव की नसीहत- टीम में जगह पक्की नहीं, परफॉर्म करो वरना बाहर जाओ

Kapil Dev On Virat Kohli And Rohit Sharma: 1983 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान ने सेलेक्टर्स से अपील की कि उम्र या नाम देखकर नहीं, बल्कि ऐसी टीम चुनें जो भारत के लिए मैच जीता सके। कपिल देव का मानना है कि टीम इंडिया में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों की जगह भी 'पक्की' नहीं होती।

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कपिल शर्मा ने रोहित-कोहली को दी नसीहत (फोटो साभार- BCCI/PTI)

Kapil Dev On Virat Kohli And Rohit Sharma: भारत के महान क्रिकेटर कपिल देव का मानना है कि टीम इंडिया में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों की जगह भी 'पक्की' नहीं होती। लेकिन जब तक ये सीनियर बल्लेबाज अच्छा खेल रहे हैं, तब तक इन्हें मौका मिलते रहना चाहिए। रोहित 39 साल और कोहली 37 साल के हो चुके हैं और करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं। इंग्लैंड के खिलाफ चल रही 3 मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मैचों में रोहित के फ्लॉप होने के बाद उनके फ्यूचर पर सवाल उठ रहे हैं।

रोहित-कोहली पर कपिल देव की दो टूक

'कपिल देव-सुनील गुप्ता अस्पताल' में PTI से बात करते हुए कपिल ने कहा, "क्रिकेट में किसी की जगह हमेशा के लिए नहीं होती। जो लगातार अच्छा करेगा वही खेलेगा, चाहे वो कोई भी हो। मेरी राय में परफॉर्मेंस देखिए और जब तक खिलाड़ी अच्छा कर रहा है, उसे खिलाइए।" कपिल ने कहा कि सीनियर खिलाड़ियों के फ्यूचर पर फैसला लेना सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट का काम है। उन्होंने कहा, "जब सचिन तेंदुलकर ने रिटायरमेंट लिया था, तब भी उनमें काफी क्रिकेट बाकी था। ये फैसला सेलेक्टर्स का होता है। मैं ये नहीं कहूंगा कि किसे निकालो। ये जिम्मेदारी सेलेक्टर्स और टीम मैनेजमेंट की है। मैं तो बस टीवी पर मैच देखकर अपनी राय दे सकता हूं।"

सेलेक्टर्स चुनेंगे भारत के लिए बेस्ट टीम

कपिल ने कहा, "टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स पर भरोसा रखिए कि वो भारत के लिए बेस्ट टीम चुनेंगे। अगर टीम हारती भी है, तो भी हमें उनके साथ खड़े रहना चाहिए।" कपिल बोले, "रोहित अब 20 साल के नहीं हैं। वो करीब 40 के हैं और हर खिलाड़ी को एक दिन रिटायर होना ही पड़ता है। लेकिन उन्होंने सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस को जो खुशी दी है, उसके लिए उन्हें सलाम। उन्होंने इतने सालों तक भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया, उस पर हमें गर्व होना चाहिए। जब तक वो खेल सकते हैं या जब तक सेलेक्टर्स और कप्तान को लगता है कि उन्हें खेलना चाहिए, तब तक उन्हें मौका मिलना चाहिए।"

कपिल ने भारत को जिताया था 1983 वर्ल्ड कप

1983 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान ने सेलेक्टर्स से अपील की कि उम्र या नाम देखकर नहीं, बल्कि ऐसी टीम चुनें जो भारत के लिए मैच जीता सके।कपिल ने कहा, "अगर टीम बदलाव के दौर से गुजर रही है तो कोई दिक्कत नहीं है। कल कोई नया खिलाड़ी आएगा और जिम्मेदारी लेगा। हमें सिर्फ बैठकर मजा लेना चाहिए। हमारे पास टैलेंट की कमी नहीं है। देखना ये है कि कौन सा खिलाड़ी टीम के लिए बेस्ट है। बहुत ज्यादा बदलाव करने की जरूरत नहीं है। सबसे जरूरी जीत है। अगर कोई खिलाड़ी अच्छा है तो उसकी उम्र या कद नहीं देखना चाहिए। ऐसी टीम चुनो जो भारत को जिताए।"

आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में 0-2 और 0-4 से हार पर कपिल बोले, "पिछले 3-4 साल में टीम ने जैसा खेला, उसके बाद मुझे इतने खराब दौर की उम्मीद नहीं थी। लेकिन खेल में ऐसा होता है। परफॉर्मेंस का ग्राफ ऊपर-नीचे होता रहता है। दूसरी टीमें भी बेहतर होने की कोशिश करती हैं। मुझे लगता है कि ये भारतीय क्रिकेट के लिए एक नई शुरुआत है।"

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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