IND vs PAK, Virender Sehwag: क्रिकेट का हर मैच रोमांच भरा रहता है, लेकिन जब मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टीम हो तो उस मैच का रोमांच दोगुना हो जाता है। यह आज से नहीं, बल्कि कई सालों पहले से चलता आ रहा है। भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज रहे वीरेंद्र सहवाग ने भारत और पाकिस्तान मैच के दौरान अपनी एक ख्वाहिश को लेकर खुलासा किया। उन्होंने कहा कि 2005 को खेले गए टेस्ट मुकाबले में छक्का जड़ने में पाकिस्तान के दिग्गज खिलाड़ी ने उनकी मदद की थी। ब्रेकफास्ट विद चैम्पियन पर गौरव कपूर के साथ बात करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने खुलासा किया कि कैसे पाकिस्तान के कप्तान इंजमाम उल हक ने दानिया कनेरिया की गेंद पर छक्का जड़ने में मदद की थी।
टेस्ट भी खेलते थे वनडे की तरह
वीरेंद्र सहवाग को आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। वे अक्सर टेस्ट मैचों में भी वनडे क्रिकेट की तरह बल्लेबाजी करते थे। 2005 में बेंगलोर में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान सहवाग के सामने गेंदबाजी के लिए दानिया कनेरिया आए थे। हालांकि, इंजमाम के पास लॉन्ग ऑन पर एक खिलाड़ी था। इसलिए सहवाग बड़ा शॉट नहीं खेल पर रहे थे।
रन बनाने के लिए आजमा रहे थे पैंतरा
सहवाग ने बताया कि जब मैं शतक जमाकर बल्लेबाजी कर रहा था तो मैदान मेरे लिए पूरी तरह से सेट था। दानिश कनेरिया मुझे रन बनाने से रोकने के नए-नए प्रयोग कर रहे थे। वे मेरे पैरों पर गेंदबाजी कर रहे थे। इसके बाद मैंने इंजमाम उल हक से कहा कि मुझे छक्का लगाने का मन कर रहा है। उस लॉन्ग ऑन फील्डर को आगे बुलाओ। फिर उन्होंने कहा कि नहीं, नहीं। तुम झुठ बोल रहे हो। इसके बाद मैंने कहा फील्डर को गेंद के लिए आगे बुलाओ। अगर मैं हिट नहीं करता हूं तो उसे वापस भेज देना। इसके बाद उन्होंने लॉन्ग ऑन फील्डर को मिड ऑन पर बुला लिया और बाकी फील्डर डीप में उसी स्थिति में थे। मेरी किस्मत देखिए। उसी गेंद पर दानिया कनेरिया ने गुगली डाली और मैंने उसे लॉन्ग ऑन पर छक्के के लिए मारा। इसके बाद दानिश को कप्तान इंजमाम पर बुहत गुस्सा आया था। सहवाग ने इस मुकाबले में दोहरा शतक जड़ा था। हालांकि, इस मुकाबले में भारत को 168 रन से हार मिली थी।
