ब्रिजटाउन: भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैच की वनडे सीरीज का आगाज गुरुवार को ब्रिजटाउन में होने जा रहा है। वेस्टइंडीज की टीम पहले ही विश्व कप 2023 से बाहर हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ यह भारतीय टीम के लिए विश्व कप अभियान की तैयारी की शुरुआत है। भारतीय टीम के लिए टीम चयन बड़ी समस्या बना हुआ है। वो भी तब जब केएल राहुल, श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत जैसे खिलाड़ी टीम से चोट की वजह से बाहर चल रहे हैं। उनके वापस आने से एक बार फिर टीम में हलचल पैदा होगी। ऐसे में वेस्टइंडीज दौरे पर जिन खिलाड़ियों को भारतीय टीम में मौका मिला है वो अपनी जगह पक्की करना चाहेंगे। ऐसे में पहले वनडे में इन पांच खिलाड़ियों पर सबकी नजरें रहेंगी।
संजू सैमसन (Sanju Samson)
संजू सैमसन पिछले कुछ सालों से लगातार टीम इंडिया में अंदर बाहर हो रहे हैं लेकिन अबतक उनकी जगह पक्की नहीं हो सकी है। टीम में शामिल किए जाने के बाद अधिकांश मौकों पर उन्हें प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला। लेकिन जब मौका मिला उनका बल्ला खामोश रहा। ऐसे में विश्व कप से पहले सैमसन के पास अपनी दावेदारी पेश करने का ये आखिरी मौका है। अगर वो वेस्टइंडीज जैसी टीम के खिलाफ अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे तो उनकी विश्व कप की बस निश्चित तौर पर छूट जाएगी। ऐसे में उनके ऊपर प्रशंसकों की नजरें पहले वनडे के साथ-साथ पूरी सीरीज में रहेंगी।
ईशान किशन (Ishan Kishan)
बांग्लादेश के खिलाफ वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक जड़ने के बाद ईशान किशन का नाम ऋषभ पंत के विकल्प के रूप में टीम में लगातार लिया जा रहा है। ऐसे में विश्व कप के लिए संजू सैमसन की मौजूदगी में ईशान किशन टीम में अपनी दावेदारी विकेटकीपर और रिजर्व ओपनर के रूप में पेश करना चाहेंगे। रोहित और शुभमन की मौजूदगी में ओपनिंग का मौका उन्हें नहीं मिलेगा। तो बतौर विकेटकीपर भी वो अपना दावा पेश करेंगे। ऐसे में उनकी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग दोनों पर भारतीय प्रशंसकों की पहले वनडे और सीरीज में नजर रहेगी।
सूर्यकुमार यादव (Surya Kumar Yadav)
भारत के अपने मिस्टर 360 सूर्यकुमार यादव टी20 वाला धमाल अबतक वनडे में नहीं दिखा पाए हैं। वो अगर वनडे फॉर्मेट में टी20 जैसी बल्लेबाजी करने में सफल हुए तो आगामी विश्व कप में टीम इंडिया के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं। उनकी प्रतिभा से सब वाकिफ हैं लेकिन मैदान पर नाकामी टीम इंडिया के रणनीतिकारों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। उन्हें बार-बार मौके इसीलिए दिए जा रहे हैं जिससे कि 2011 की तरह वो भारतीय टीम को विश्व चैंपियन बनाने में सबसे अहम भूमिका अदा कर सकें।
उमरान मलिक (Umran Malik)
तेज गेंदबाज उमरान मलिक को आईपीएल 2022 के बाद से लगातार भारतीय टीम में मौका दिया गया लेकिन वो अपनी गेंदबाजी की छाप छोड़ने में नाकाम रहे हैं। वनडे फॉर्मेट में उनको भारत की बेजान पिचों पर बीच के ओवरों में जोड़ी ब्रेकर के रूप में देखा जा रहा है लेकिन वो अबतक इस कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। इस लिहाज से उनके ऊपर सबकी नजरें गुरुवार के मुकाबले के साथ-साथ पूरी सीरीज में टिकी रहेंगी।
शार्दुल ठाकुर (Shardul Thakur)
शार्दुल ठाकुर भारत के लिए तीनों फॉर्मेट की टीमों में नजर आते रहे हैं। वो टेस्ट और वनडे टीम का तो लगातार हिस्सा बने हुए हैं। लेकिन विश्व कप के लिहाज से निचले क्रम पर जोरदार बल्लेबाजी के साथ-साथ तेज गेंदबाज वाली भूमिका के लिए उन्हें तैयार किया जा रहा है। बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा के चोटिल होने के बाद से उनके लिए ज्यादा मौके बने हैं। ऐसे में दोनों की वापसी से पहले शार्दुल के पास खुद को बतौर तेज गेंदबाजी कर सकने वाले ऑलराउंडर के रूप में टीम में जगह पक्की कर पाना थोड़ा मुश्किल सा है। ऐसे में उनके ऊपर सभी भारतीय क्रिकेट प्रेमियों की नजरें गुरुवार को विंडीज के खिलाफ मुकाबले में रहेंगी।
