Harmanpreet Kaur after India vs Australia
साउथ अफ्रीका के केपटाउन में हुए मैच के बाद प्रेजेंटेशन के समय वह काफी भावुक नजर आईं। वह इस दौरान गॉगल्स (चश्मा) लगाकर आई थीं और उन्होंने जज्बाती होते हुए कहा, "मैं नहीं चाहती कि मेरा देश मुझे रोते हुए देखे, लिहाजा मैं ये ग्लासेज (चश्मा) पहने हूं। मैं वादा करती हूं कि हम सुधार करेंगे और इस तरह से अपने देश को झुकने नहीं देंगे।"
बकौल भारतीय कप्तान, "मैं इससे ज्यादा बदकिस्मत महसूस नहीं कर सकती। जेमिमाह रॉड्रिग्स के साथ हमने मैच में मुमेंटम (बैटिंग के मोर्चे पर) वापस हासिल कर लिया था। उसके बाद भी हम हार जाएंगे, यह उम्मीद नहीं थी।"
कप्तान कौर ने कुछ इस कदर पवेलियन लौटते समय बैट फेंककर अपना गुस्सा जाहिर किया थाः

हरमनप्रीत कौर के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खासा तारीफ की गई। (फाइल)
उन्होंने आगे कहा- जिस तरह से मैं रन आउट हुई, उससे अधिक बदकिस्मती नहीं हो सकती है। अपने प्रयास करना अहम था और हम खुश है कि हम मैच में आखिरी गेंद तक टिके। हम लास्ट बॉल तक मैच में अपनी जान झोंकना चाहते थे। आज हम भी लक्ष्य का पीछा करना चाहते थे...ऐसे में यह ठीक रहा कि उन्होंने बल्लेबाजी करने का फैसला किया।
वह आगे बोलीं- शुरुआती दो विकेट गंवानेके बाद हमें पता था कि हमारे पास अच्छा बैटिंग लाइन-अप है। मुझे इसके लिए जेमिमाह को श्रेय देना चाहिए कि उन्होंने मैच में हमें मुमेंटम दिलाया। कुछ अच्छी परफॉर्मेंस देखकर मुझे खुशी हुई।
कौर के मुताबिक, "हम कुछ हद तक अच्छा खेले। आज वह स्थिति थी, जब अपना नैचुरल गेम खेलना चाहते थे। हम में से कुछ ने ऐसा किया भी।" लचर फील्डिंग के संदर्भ में उन्होंने टीम की ओर से हुई चूक की बात करते हुए आगे कहा- हमने फिर से कुछ आसान कैच छोड़े। जब आपको जीतना होता है, तब आपको चांस लेना पड़ता है। हम इन सब चीजों से सिर्फ सीख सकते हैं।
दरअसल, गुरुवार (23 फरवरी, 2023) को भारतीय टीम नॉकआउट मुकाबले में फिर लड़खड़ा गई। दबाव में आने के चलते वह आस्ट्रेलिया से पांच रन से हार गई और कंगारू टीम इसी के साथ लगातार सातवीं बार आईसीसी महिला टी20 विश्व कप फाइनल में एंट्री कर गई।
आस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट पर 172 रन का पहाड़ सरीखा स्कोर खड़ा किया था, जबकि भारत ने इस दौरान लचर फील्डिंग की और कुछ कैच लपकने के मौके छोड़े थे। जवाबी पारी में भारत निर्धारित 20 ओवर में आठ विकेट पर 167 रन ही बना सका।
