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IND vs AUS: 'ईमानदारी से कहूं तो..कोच गौतम गंभीर ने कप्तान सूर्यकुमार यादव के खराब फॉर्म पर तोड़ी चुप्पी

IND vs AUS: भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सूर्यकुमार यादव की खराब फॉर्म से परेशान नहीं हैं क्योंकि जब टीम बहुत अधिक आक्रामक क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित करती है तो ‘विफलताएं मिलती हैं’।

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सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर (फोटो- Indiancricketteaminstagram)

IND vs AUS: भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान सूर्यकुमार यादव की हालिया खराब फॉर्म पर चिंता व्यक्त करने से इनकार कर दिया है। गंभीर का मानना है कि जब टीम अत्यधिक आक्रामक क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित करती है, तो 'विफलताएं मिलती हैं' और इससे चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। सूर्यकुमार ने यूएई में हुए पिछले एशिया कप में भारत को जीत दिलाई थी, लेकिन सात पारियों में सिर्फ 72 रन ही बना पाए थे।

आक्रामक रवैया और विफलता की स्वीकृति

'जियो हॉटस्टार' पर एक चर्चा के दौरान गंभीर ने अपने कप्तान का जमकर बचाव किया और टीम की निडर संस्कृति के बारे में बताया।गंभीर ने कहा, "ईमानदारी से कहूं तो सूर्यकुमार की बल्लेबाजी फॉर्म से मैं चिंतित नहीं हूं क्योंकि हमने अपने ड्रेसिंग रूम में बहुत अधिक आक्रामक रवैया अपनाया है। जब आप इस सोच को अपनाते हैं तो विफलताएं तो होती हैं।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम ने जानबूझकर यह आक्रामक रास्ता चुना है: "सूर्यकुमार के लिए 30 गेंद पर 40 रन बनाना और आलोचना से बचना आसान होता, लेकिन हमने मिलकर तय किया है कि इस तरीके को अपनाते हुए विफल होने में कोई समस्या नहीं है।"

प्रभाव मायने रखता है, व्यक्तिगत रन नहीं

सूर्यकुमार के संघर्ष के बावजूद, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी से प्रभावित किया। गंभीर ने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान किसी एक खिलाड़ी के व्यक्तिगत स्कोर पर नहीं, बल्कि टीम की सामूहिक आक्रामक शैली पर है।गंभीर ने कहा, "अभी अभिषेक शर्मा अच्छी फॉर्म में हैं और उन्होंने पूरे एशिया कप में इसे बनाए रखा। जब सूर्या लय में आ जाएंगे तो वह उसी हिसाब से जिम्मेदारी उठाएंगे।"

उन्होंने आगे कहा- "टी20 क्रिकेट में हमारा ध्यान व्यक्तिगत रनों पर नहीं बल्कि उस तरह के क्रिकेट पर होता है जैसा हम खेलना चाहते हैं। हमारी आक्रामक शैली में बल्लेबाज अधिक बार विफल हो सकते हैं लेकिन आखिर में रन से अधिक प्रभाव (Impact) मायने रखता है।"

निडर टीम बनाने का विजन और सूर्या संग साझेदारी

गंभीर ने निडर टीम संस्कृति बनाने के अपने लक्ष्य और सूर्यकुमार यादव के साथ अपनी तालमेल के बारे में भी बात की। उन्होंने सूर्यकुमार को एक 'बेहतरीन इंसान' और एक 'अच्छा नेतृत्वकर्ता' बताया।गंभीर ने कहा कि "सूर्यकुमार एक बेहतरीन इंसान हैं और अच्छे इंसान अच्छे नेतृत्वकर्ता बनते हैं... उनका आजाद ख्यालों वाला स्वभाव टी20 क्रिकेट के सार से पूरी तरह मेल खाता है। यह आजादी और खुद को जाहिर करने के बारे में है। सूर्या ने पिछले डेढ़ साल में इस माहौल को शानदार ढंग से बनाए रखा है।"

गंभीर ने बताया अपना लक्ष्य

गंभीर का अंतिम लक्ष्य सबसे सफल कोच बनना नहीं, बल्कि सबसे अधिक निडर टीम बनाना है। उन्होंने अपनी पहली बातचीत को याद करते हुए कहा, "हमारी पहली बातचीत से ही हम सहमत थे कि हमें हारने का डर नहीं होगा। मेरा मकसद सबसे सफल कोच बनना नहीं है। मैं चाहता हूं कि हम सबसे अधिक निडर टीम बनें।"

उन्होंने एशिया कप फाइनल का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी गलतियां करना भी ठीक है, बशर्ते इरादा निडर होकर खेलने का हो। गंभीर और सूर्यकुमार का मानना है कि मैच जितना बड़ा होगा, उन्हें उतना ही निडर और आक्रामक होना होगा, क्योंकि संकीर्ण सोच से विरोधी टीम को ही फायदा होता है। भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था।

(भाषा)

SIddharth Sharma
SIddharth Sharma author

सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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