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BGT Records: बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में बने ये बड़े रिकॉर्ड, इस गेंदबाज ने किया कमाल

IND vs AUS, Border Gavaskar Trophy series Big Records: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली गई। इस सीरीज में मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने मेहमान टीम इंडिया को 3-1 से पटखनी दी। वहीं, सीरीज में कई बड़े रिकॉर्ड भी बने।

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जसप्रीत बुमराह और पैट कमिंस। (फोटो- AP)

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IND vs AUS, Border Gavaskar Trophy series Big Records: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने भारत को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में 6 विकेट से मात देने के बाद प्रतिष्ठित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से जीत ली। इससे पहले कंगारूओं ने 2014/15 में अंतिम बार भारत को इस ट्रॉफी में अपने घर पर 2-0 से हराया था। इसके बाद भारत ने ऑस्ट्रेलिया में हुई दो बीजीटी सीरीज 2-1 से जीती थी।

इस सीरीज की शुरुआत मेजबान टीम की हार के तौर पर हुई जब भारत ने पर्थ टेस्ट में 295 रनों की धमाकेदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अगले चार में तीन टेस्ट मैच जीते। इससे पहले साल 1997 में ऑस्ट्रेलिया ने 0-1 से सीरीज में पिछड़ने के बाद इंग्लैंड को 3-2 से हराया था। जबकि उन्होंने अपनी धरती पर ऐसा 1968/69 में ही किया था जब वेस्टइंडीज टीम को 3-1 से मात दी थी।

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में इस बार 1141 गेंदें फेंकी गई जो यहां 1896 के बाद से सबसे कम हैं। यह बताता है कि इस मैच की पिच वाकई में चुनौतीपूर्ण थी और इस मुकाबले में कप्तानी कर रहे जसप्रीत बुमराह ने भी इसे स्वीकारते हुए मैच के बाद कहा था कि उन्होंने पूरी सीरीज में गेंदबाजी के लिए सबसे मुफीद विकेट पर बॉलिंग करना मिस किया।

साल 2000 के बाद से यह केवल तीसरी बार हुआ है जब भारतीय क्रिकेट एक टेस्ट सीरीज के किसी दो मैचों की दोनों पारियों में 200 रनों से कम पर आउट हो गई। यह बीजीटी सीरीज में भारतीय क्रिकेट टीम की बल्लेबाजी के संघर्ष को दर्शाता है।

भारतीय क्रिकेट में फिलहाल चीजें परफेक्शन से बहुत दूर हैं। सीनियर खिलाड़ियों की फॉर्म, कप्तानी, मैनेजमेंट पर सवालिया निशान हैं। भारत पिछली दो टेस्ट सीरीज में तीन मैच हारा है। इससे पहले टीम इंडिया अपने घर पर न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 0-3 से हार गई थी। खास बात यह है कि 2024/25 सीजन में ऐसा सिर्फ दो ही बार हुआ है।

सिडनी टेस्ट में स्कॉट बोलैंड ने मैच में 76 रन देकर 10 विकेट हासिल किए। वह इस मैदान पर साल 1900 के बाद 10 विकेट लेने वाले सिर्फ दूसरे ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज हैं। इससे पहले ग्लेन मैक्ग्रा ने यहां साल 2000 में 103 रन देकर 10 विकेट हासिल किए थे। बोलेंड का प्रदर्शन इस सीरीज में इतना जबरदस्त था कि उन्होंने एक बैकअप बॉलर की छवि को भी तोड़ दिया। वह बैकअप बॉलर के तौर पर आए और 13.19 की औसत के साथ 21 विकेट हासिल किए।

वहीं जसप्रीत बुमराह ने सीरीज में सर्वाधिक 32 विकेट हासिल किए और वह 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' साबित हुए। इससे पहले भारत के तेज गेंदबाज कपिल देव ने पाकिस्तान के खिलाफ अपनी घरेलू जमीन पर साल 1979/80 में 32 विकेट हासिल किए थे। भारत का कोई और तेज गेंदबाज एक सीरीज में इससे ज्यादा विकेट नहीं ले पाया है। कपिल देव ने तब 17.68 की औसत से 32 विकेट लिए थे। जबकि बुमराह ने केवल 13.06 की औसत से विकेट लिए।

भारतीय गेंदबाजों में ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने जरूर साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज में 32 विकेट चटकाए थे।

(आईएएनएस)

Shekhar Jha
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

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