USA Cricket Ban: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए यूएसए क्रिकेट की सदस्यता को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की घोषणा की। यह निर्णय पिछले एक साल में की गई गहन समीक्षा और प्रमुख हितधारकों के साथ हुई विस्तृत चर्चाओं के बाद लिया गया।
2024 में दिया गया था नोटिस
आईसीसी ने 2024 की वार्षिक आम बैठक में यूएसए क्रिकेट को सदस्यता मानदंडों का पालन न करने के लिए नोटिस जारी किया था। बोर्ड को स्थिति सुधारने के लिए 12 महीने का समय दिया गया था, लेकिन समयसीमा पूरी होने के बावजूद कोई ठोस सुधार सामने नहीं आया। इसके चलते आईसीसी ने कठोर कदम उठाने का निर्णय लिया।
संविधान के उल्लंघन पर कार्रवाई
आईसीसी बोर्ड ने अपनी हालिया बैठक में यूएसए क्रिकेट को निलंबित करने का फैसला लिया। बोर्ड ने कहा कि यह कदम आईसीसी संविधान के तहत लिया गया है, क्योंकि यूएसए क्रिकेट ने एक सदस्य के रूप में अपने दायित्वों का बार-बार और लगातार उल्लंघन किया है।
प्रमुख कारण: शासन विफलता और प्रतिष्ठा को नुकसान
आईसीसी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि निलंबन के कई कारण हैं। इनमें –
-कार्यात्मक शासन संरचना को लागू करने में विफलता,
-संयुक्त राज्य अमेरिका ओलंपिक और पैरालंपिक समिति (USOPC) से राष्ट्रीय शासी निकाय का दर्जा प्राप्त करने की दिशा में प्रगति की कमी,
- क्रिकेट की वैश्विक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली कार्रवाइयां शामिल हैं।
लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 पर असर नहीं
गौरतलब है कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में क्रिकेट (टी20 प्रारूप) की वापसी होनी है, जो यूएसए क्रिकेट के अधिकार क्षेत्र में आता है। ऐसे में आईसीसी ने स्पष्ट किया कि यूएसए की राष्ट्रीय टीमें ओलंपिक में हिस्सा लेने का अधिकार बरकरार रखेंगी।
खिलाड़ियों के हितों की रक्षा करेगा आईसीसी
आईसीसी ने कहा कि यह कदम अमेरिकी क्रिकेटर्स के सर्वोत्तम हितों को बनाए रखने और उनके विकास को निरंतर समर्थन देने के लिए उठाया गया है। ओलंपिक में शामिल होने की गति बनाए रखने के लिए यूएसए की राष्ट्रीय टीमों का प्रशासन और प्रबंधन अस्थायी रूप से आईसीसी या उसके नामित प्रतिनिधियों की देखरेख में रहेगा।
खिलाड़ियों के विकास पर जोर
आईसीसी ने अपनी विज्ञप्ति में कहा, “यह निर्णय हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हम अमेरिका के खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा और क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उच्च-प्रदर्शन और खिलाड़ी विकास कार्यक्रम को जारी रखेंगे।”
दीर्घकालिक हितों को बताया प्राथमिकता
आईसीसी बोर्ड ने अंत में कहा कि यह निलंबन क्रिकेट के दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। भले ही यह कदम दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन खेल और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए यह जरूरी था।
(IANS)
