इंदौर: पूर्व कंगारू कप्तान इयान चैपल का मानना है कि तीसरे टेस्ट में पहले दिन भारत को ‘टर्न और असमान उछाल लेती’ पिच पर पहली पारी में सस्ते में निपटाना ऑस्ट्रेलिया के भाग्य पलटने में अहम साबित हुआ। भारतीय टीम तीसरे टेस्ट की दोनों पारियों में 109 और 163 रन पर सिमट गयी जिससे ऑस्ट्रेलिया ने नौ विकेट की जीत से विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में अपना स्थान पक्का किया।
भारत को पहली पारी में सस्ते में समेटना रहा अहम
ऑस्ट्रेलिया ने नागपुर और दिल्ली में शुरुआती दो टेस्ट तीन दिन के अंदर गंवा दिये थे। महान क्रिकेटर चैपल ने ‘ईएसपीएन क्रिकइंफो’ से कहा, 'अहम चीज भारत को पहली पारी में सस्ते में समेटना रही। ऑस्ट्रेलिया ने ऐसा करके खुद को अच्छी बढ़त हासिल करने का मौका दिया। यह ज्यादा बड़ी बढ़त नहीं थी लेकिन इस पिच पर यह अच्छी थी और उपयोगी साबित हुई।'
आक्रामक रुख का मिला कंगारुओं को फायदा
उन्होंने कहा,'फिर दूसरी पारी में उन्हें इतने कम स्कोर के लक्ष्य का पीछा करना पड़ा, हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने एक शुरूआती विकेट गंवा दिया लेकिन फिर टीम ने आक्रामकता बरतने का फैसला किया और जीत हासिल की। मेरे लिये भारत को पहली पारी में सस्ते में समेटना अहम था और पहले दो टेस्ट मैचों में जो कुछ भी हुआ था, उससे चीजों को बदलने में काफी साहस की जरूरत होती है।'
पहले टेस्ट में हेड को नहीं चुनना थी भूल
उन्होंने कहा कि मेहमान टीम को पता था कि उन्हें दौरे पर चीजों में बदलाव करने के लिये किस चीज की जरूरत है लेकिन पहले दो टेस्ट में उसमें इन्हें अमल में लाने में कमी दिखी। चैपल ने पहले टेस्ट में ट्रेविस हेड को नहीं चुने जाने के फैसले को ‘हास्यास्पद’ करार किया और उन्होंने कहा कि अंत में ऑस्ट्रेलियाई दौरे की चयन समिति को समझ आयी और उन्होंने अपनी गलती सुधार ली। श्रृंखला का चौथा और अंतिम टेस्ट नौ मार्च से अहमदाबाद में शुरू होगा।
