चेपॉक में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस का एक और कमजोर प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में ही अपनी पकड़ खो दी। बुमराह ने एक ही ओवर में सैमसन को लगभग दो बार आउट किया, लेकिन उसके बाद कुछ खास नहीं कर पाए। गजनफर ने कुछ विकेट लेने वाली गेंदें फेंकीं, लेकिन उन पर चौके भी लगे। रघु ने अपने डेब्यू मैच में अच्छा नियंत्रण दिखाया, लेकिन बोल्ट, भगत और हार्दिक की तरह विकेट नहीं ले पाए।
मुंबई की हार पर एमआई के फैंस हार्दिक की आलोचना कर रहे। साथ ही हार्दिक की कप्तानी और बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में पर भी सवाल खड़े हो रहे। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 150 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय, यदि बुमराह को 4 ओवर गेंदबाजी नहीं करने देते हैं, तो योजना और मैच की समझ बेहद खराब है। वहीं, प्लेऑफ की रेस से लगभग बाहर हो चुकी मुंबई के कप्तान ने सनसनी फैलाने वाले बयान दे दिया है।
'मुझे लगता है...'
मैच के बाद हार्दिक ने कहा, मुझे लगता है कि एक रात छोड़िए, यह पूरा सीजन ही हमारा नहीं है। उन्होंने हमसे बेहतर बल्लेबाजी की, बेहतर गेंदबाजी की और बेहतर फील्डिंग की। उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला। एक समय ऐसा लग रहा था कि हम 180-190 रन तक पहुंच जाएंगे। हालांकि, 10 ओवर के बाद उस लय को बरकरार नहीं रख सके। इसके अलावा पारी को अच्छी तरह से फिनिश भी नहीं कर पाए। पारी की शुरूआत में शॉट्स खेलना आसान नहीं होता।यह एक सोची समझी और सधी हुई पारी खेलने की बात थी। उन्होंने ठीक वैसा ही किया।
'सीएसके ने हमसे बेहतर खेला'
पांड्या ने आगे कहा, हमारे बल्लेबाज गेंद को सही से कनेक्ट नहीं कर पाए क्योंकि उनकी गेंदबाजी बहुत अच्छी थी। उन्हें आउट करने के लिए हमें आग उगलती हुई गेंदें फेंकनी पड़तीं। हमने अपने गेंदबाजी के विकल्पों का इस्तेमाल किया, लेकिन उन्होंने समझदारी भरा क्रिकेट खेला और हमसे बेहतर साबित हुए।
सीएसके ने 8 विकेट से जीता मैच
सीएसके ने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद मुंबई इंडियंस को छोटे स्कोर (159) पर रोक दिया जिसके बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ (नाबाद 67) और कार्तिक शर्मा (नाबाद 54) के बीच तीसरे विकेट के लिए 75 गेंद में 98 रन की अटूट साझेदारी की मदद से आठ विकेट से जीत दर्ज की। फगानिस्तान के बाएं हाथ के स्पिनर नूर अहमद (26 रन देकर दो विकेट) और अंशुल कंबोज (32 रन देकर तीन विकेट) की अनुशासित गेंदबाजी की।
