चेतन शर्मा के चीफ सेलेक्टर पद छोड़ने के बाद सबके मन में लगातार यह सवाल चल रहा है कि इस कुर्सी पर अब कौन बैठेंगे? यही सवाल जब भारत के पूर्व स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह से किया गया तो इसका जवाब उन्होंने बड़े ही मजेदार तरीके से दिया। उन्होंने पहले तो इस पद को लेने से मना कर दिया, लेकिन फिर एक शर्त रख दी।
चीफ बनने को लेकर क्या बोले हरभजन सिंह
इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित आईडिया एक्सचेंज के एक सेशन में बोलते हुए 42 साल के इस गेंदबाज से जब चीफ सेलेक्टर को लेकर सवाल किया गया तो, उन्होंने पहले तो इस पद को लेने से साफ-साफ इनकार कर दिया। लेकिन फिर शर्त रख दी कि फिलहाल दोनों की सैलेरी में अंतर है और वह चयनकर्ताओं और कोच के लिए समान वेतन चाहते हैं।
क्या अलग है दोनों पदों की सैलेरी
भारतीय टीम के कोच और चीफ सेलेक्टर की सैलेरी की बात करें तो दोनों में अंतर है। भारतीय टीम के मुख्य कोच को प्रति वर्ष लगभग 7 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है, जबकि भारत के मुख्य चयनकर्ता का वेतन 1 करोड़ रुपये है।
हरभजन ने कहा 'आगे देखते हैं, अगर कोच और चयनकर्ता को समान भुगतान किया जाता है, तो क्यों नहीं? कोच का काम टीम के साथ रहना और टीम के चारों ओर योजना बनाना है। लेकिन टीम का चयन भी उतना ही महत्वपूर्ण काम है। आपको सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनना है और यदि आप उन खिलाड़ियों का चयन नहीं करते हैं जिनकी कोच या कप्तान को जरूरत है, तो मुख्य चयनकर्ता का कोई मतलब नहीं रह जाता।
हालांकि, इस पद के लिए हरभजन सिंह चाहकर भी आवेदन नहीं कर सकते हैं। इसकी योग्यता के प्रमुख बिंदुओं में से एक है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से रिटायर हुए 5 साल का वक्त हो गया हो, जबकि हरभजन ने दिसंबर 2021 में क्रिकेट को अलविदा कहा है। उस लिहाज से वह 2026 में इस पद के लिए आवेदन करने योग्य होंगे।
हरभजन सिंह के क्रिकेट करियर की बात करें तो उनकी गिनती भारत के सफल स्पिन गेंदबाजों में की जाती है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट मे 417, वनडे में 269 और T20I में 25 विकेट हासिल किए हैं।
