क्रिकेट

भारत के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले ग्रेग चैपल के निशाने पर आई ऑस्ट्रेलियाई टीम,गिनाई दौरे की भूल

  • Agency by: Agency
  • Updated Feb 25, 2023, 06:41 PM IST

पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने ऑस्ट्रेलियाई टीम को भारत के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले दो टेस्ट मैच में करारी हार के बाद फिर से आड़े हाथों लिया है और दौरे के लिए उनकी तैयारियों पर सवालिया निशान खड़े किए हैं।

Image

ग्रेग चैपल(साभार ICC)

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी ग्रेग चैपल ने माइक टायसन का हवाला देते हुए भारत के खिलाफ पहले दो टेस्ट मैचों में अपनी टीम के निराशाजनक प्रदर्शन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ‘मेहमान टीम ने पहली गेंद पड़ने से काफी पहले ही अपने मुंह पर घूंसा जड़ दिया था।'

ऑस्ट्रेलिया चार टेस्ट मैच के पहले दोनों मैच हार कर पहले ही बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवा चुका है। दोनों टेस्ट मैच तीन दिन के अंदर समाप्त हो गए जिसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम की पूर्व क्रिकेटरों ने कड़ी आलोचना की। चैपल ने कहा,'वह माइक टायसन थे जिन्होंने इवांडर होलीफील्ड के खिलाफ मुकाबले से पहले कहा था, हर किसी के पास तब तक की योजना होती है जब तक कि उसके मुंह पर घूंसा न पड़ जाए।'

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने ही मुंह पर जड़ लिया मुक्का

उन्होंने सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड में लिखा,'पहले दो टेस्ट मैच देखने के बाद मेरी चिंता यह है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहली गेंद पड़ने से काफी पहले ही अपने मुंह पर घूंसा जड़ दिया था।' चैपल ने भारत के वर्तमान दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की तैयारियों और योजनाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा,'रणनीति तैयार करना एक बात है लेकिन उसे त्रुटिपूर्ण आधार पर तैयार करना बेकार की कवायद है।'

भारत के खिलाफ टीम ने की ये बड़ी भूल

नागपुर में पहला टेस्ट मैच पारी और 132 रन से हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दिल्ली में सिर्फ एक तेज गेंदबाज कप्तान पैट कमिंस के साथ उतरने का फैसला किया। उसने स्कॉट बोलैंड को बाहर कर दिया और बाएं हाथ के स्पिनर मैथ्यू कुह्नमैन को पदार्पण का मौका दिया। चैपल ने कहा,'ऑस्ट्रेलिया को इस श्रृंखला को जीतने के लिए अपने मजबूत पक्षों के साथ खेलने की जरूरत थी। स्पिन गेंदबाजी हमारी ताकत नहीं है। इसके लिए टीम में स्पिनरों को चुनना भारत में सफलता हासिल करने का तरीका नहीं है।' हमें अपने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों को चुनना चाहिए था और उन पर भरोसा करना चाहिए था तथा बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करके उनका समर्थन करना चाहिए था।'

End of Article