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Champions Trophy vs Ranji Trophy: चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनलिस्ट और रणजी ट्रॉफी विजेता की इनामी राशि में है कितना अंतर

Champions Trophy vs Ranji Trophy Difference in prize money: चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 का रोमांच जारी है। मंगलवार से नॉकआउट के मुकाबले शुरू होंगे। महामुकाबले के पहले सेमीफाइनल में भारत और ऑस्ट्रेलिया और दूसरे सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच भिड़ंत होगी। वहीं, नागपुर में खेले गए रणजी ट्रॉफी के खिताबी मुकाबले में विदर्भ ने केरल को हराकर तीसरी बार चैम्पियन बनी। आइए जानते हैं कि दोनों के प्राइज मनी में कितना अंतर है।

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भारतीय टीम और विदर्भ की टीम। (फोटो- BCCI/BCCI Domestic X)

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Champions Trophy vs Ranji Trophy Difference in prize money:क्रिकेट के मैदान पर रोमांच और प्रतिस्पर्धा के जादू के साथ उस प्रतियोगिता में इनाम की राशि भी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए चर्चा का विषय बनती है। इस समय आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में लीग स्टेज का समापन हो गया है, तो दूसरी तरफ भारत के सबसे प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी का भी समापन विदर्भ की जीत के साथ हो चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रणजी ट्रॉफी का विजेता और आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का सेमीफाइनलिस्ट लगभग एक समान इनामी राशि घर ले जाते हैं? यह रोचक तथ्य क्रिकेट प्रेमियों को हैरान कर सकता है।

रणजी ट्रॉफी 2024-25 में विदर्भ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अप्रैल 2023 में घरेलू टूर्नामेंट्स के लिए इनामी राशि में बढ़ोतरी की घोषणा की थी, जिसके तहत इस बार विदर्भ को विजेता के रूप में 5 करोड़ रुपये की राशि मिली। यह राशि पिछले सीजन के 2 करोड़ से ढाई गुना ज्यादा है। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने ट्वीट कर इस बदलाव की जानकारी दी थी, जिसका मकसद घरेलू क्रिकेट को और प्रोत्साहित करना था।

दूसरी ओर, 2025 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी अपने चरम पर पहुंच रही है। भारत ने अपनी अंतिम ग्रुप मैच में न्यूजीलैंड को हराकर 4 मार्च को होने वाले पहले सेमीफाइनल में जगह बनाई है और अब टीम इंडिया दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेगी। वहीं, 5 मार्च को लाहौर में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा सेमीफाइनल होगा। यहां सबसे रोचक बात यह है कि रणजी ट्रॉफी 2024-25 के विजेता विदर्भ को मिलने वाली इनामी राशि और चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनलिस्ट की राशि लगभग एक समान हैं।

यह राशि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के स्तर को देखते हुए चौंकाने वाली है। जहां चैंपियंस ट्रॉफी में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमें हिस्सा लेती हैं, वहीं रणजी ट्रॉफी भारत के घरेलू क्रिकेट ढांचे की रीढ़ है। यह तथ्य न केवल भारतीय क्रिकेट के आर्थिक पहलू को उजागर करता है, बल्कि यह भी बताता है कि क्रिकेट सुपर पावर भारत में यह खेल घरेलू स्तर पर अब पहले से कहीं ज्यादा सम्मान और महत्व पा रहा है। जहां चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में पहुंचना और रणजी ट्रॉफी जीतना, इनाम की राशि के मामले में एक-दूसरे के करीब आ गए हैं।

इस संयोग के पीछे बीसीसीआई का घरेलू क्रिकेट को मजबूत करने का विजन है। अप्रैल 2023 में घोषित नई इनामी राशि के तहत रणजी ट्रॉफी विजेता का इनाम 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया। उपविजेता को भी अब 3 करोड़ रुपये (पहले 1 करोड़ रुपये) मिलते हैं। अन्य टूर्नामेंट्स में भी बढ़ोतरी हुई है, जैसे दलीप ट्रॉफी विजेता को 1 करोड़ रुपये (पहले 40 लाख रुपये), विजय हजारे ट्रॉफी के विजेता को भी 30 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये और सीनियर विमेंस वनडे ट्रॉफी विजेता को 50 लाख रुपये (पहले 6 लाख) मिलते हैं। बीसीसीआई का यह कदम घरेलू खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।

वहीं, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की बात करें तो इस टूर्नामेंट में कुल इनामी राशि 6.9 मिलियन डॉलर है, जो 2017 के संस्करण से 53% अधिक है। विजेता को 2.24 मिलियन डॉलर (लगभग 19.5 करोड़ रुपये) और उपविजेता को 1.12 मिलियन डॉलर (लगभग 9.78 करोड़ रुपये) मिलेंगे। वहीं सेमीफाइनल में हारने वाली टीम को 560,000 डॉलर यानी करीब 4.89 करोड़ रुपये की राशि मिलेगी। इस तरह से सेमीफाइनलिस्ट को मिलने वाली यह राशि रणजी ट्रॉफी के विजेता के लगभग समान है।

(आईएएनएस)

Shekhar Jha
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

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