क्रिकेट

भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के शेड्यूल पर बेन स्टोक्स और शुभमन गिल ने उठाए सवाल

इंग्लैंड और भारत के बीच गुरुवार से लंदन के ओवल में खेले जाने वाले सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच से पहले दोनों टीमों के कप्तानों ने दो मैचों के बीच के अंतर को लेकर सवाल उठाए हैं। जानिए दोनों ने एक दूसरे के सुर के कैसे मिलाए सुर?

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बेन स्टोक्स और शुभमन गिल (फोटो क्रेडिट AP)

लंदन: बेन स्टोक्स और शुभमन गिल ने बुधवार को टेस्ट मैचों के बीच लंबे अंतर की मांग करते हुए कहा कि पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में गेंदबाजों के भारी कार्यभार को देखते हुए दो मैचों के बीच तीन दिन का ब्रेक कम है। लीड्स में पहले टेस्ट और लॉडर्स पर तीसरे टेस्ट के बाद एक सप्ताह का अंतर था लेकिन दूसरे और तीसरे तथा चौथे और पांचवें मैच के बीच सिर्फ तीन दिन का अंतर रहा। इससे खिलाड़ियों को रिकवरी का अधिक समय नहीं मिला। स्टोक्स दाहिने कंधे की चोट के कारण पांचवां टेस्ट नहीं खेल पायेंगे। भारत भी कुछ तेज गेंदबाजों की चोट से जूझ रहा है।

इससे बेहतर हो सकता था शेड्यूल

पांचवें टेस्ट से पूर्व स्टोक्स ने कहा,'पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में मैचों के बीच अंतर बेहतर हो सकता था। दो मैचों में आठ और नौ दिन और बाकी दो में तीन दिन का अंतर। सब मिलाकर पांच पांच दिन का अंतर रहने से निरंतरता रहती। दोनों टीमों के लिये यह कठिन रहा है। गेंदबाजों को काफी ओवर डालने होते हैं। एक बार तो आठ नौ दिन का ब्रेक मिल रहा है और फिर तीन दिन का। हर मैच के बीच चार या पांच दिन का अंतर हो सकता था।'

बेहद कम है दो टेस्ट के बीच तीन दिन का अंतर

भारतीय कप्तान गिल ने कहा कि सभी मैच पांच दिन तक चले लिहाजा खिलाड़ियों के लिये रिकवरी मुश्किल थी। उन्होंने कहा,'श्रृंखला में अहम बात यह भी थी कि सभी मैच पांच दिन तक चले। पांच दिन ही नहीं बल्कि पांचवें दिन के आखिरी सत्र तक। मुझे याद नहीं कि ऐसी कोई श्रृंखला रही हो जिसमें सभी चार टेस्ट मैच आखिर तक खिंचे हो। यह काफी कठिन था। दोनों टीमें जब इतना कठिन क्रिकेट खेल रहीं हों तो तीन दिन का अंतर काफी कम है। हमें यह भी समझना चाहिये कि हर मैच के बाद पांच या छह दिन का ब्रेक होने से दौरा बहुत लंबा हो जाता। दोनों बोर्ड ने यही सोचकर फैसला लिया होगा।'

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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