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'यह सफर आसान नहीं था,' जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी के बाद अनाया बांगर ने पिता संजय बांगर को दिया धन्यवाद

अनाया बांगर ने थाईलैंड में सफलतापूर्वक जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाने के बाद पिता संजय बांगर के प्रति आभार जताया है। जानिए उन्होंने सोशल मीडिया पर पिता के लिए लिखा क्या संदेश?

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अनाया बांगर के साथ संजय बांगर

नई दिल्ली: पूर्व भारतीय ऑलराउंडर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर ने थाईलैंड में सफलतापूर्वक जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी करवाई, जिसके बाद उन्होंने अपने पिता के प्रति आभार जताया है। अनाया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस सर्जरी को अपनी आत्म-खोज की यात्रा का एक अहम पड़ाव बताते हुए कहा कि इस पूरे सफर में उनके पिता का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण रहा, जिन्होंने सर्जरी और बैंकॉक में जारी रिकवरी के दौरान शारीरिक और भावनात्मक चुनौतियों से उबरने में मदद की।

संजय बांगर ने उठाया सर्जरी का खर्च

बताया गया है कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने सर्जरी का खर्च उठाया, जो उनकी बेटी के फैसलों के प्रति उनके समर्थन को दिखाता है। अनाया बनने से पहले, वह आर्यन नाम के एक लड़के के रूप में जानी जाती थीं, जिन्होंने अंडर 16, अंडर 19 और अंडर 23 क्रिकेट खेला था। अनाया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा,'यह सफर आसान नहीं था, न सिर्फ उनके लिए, बल्कि उनके परिवार के लिए भी। समझने, स्वीकार करने और साथ खड़े रहने में समय लगा। इस दौरान कई सवाल, उलझनें और सीखने के पल आए। आज वह सिर्फ आभार महसूस कर रही हैं। अपने जीवन के सबसे अहम पलों में पिता का साथ उनके लिए बहुत मायने रखता है। उनका समर्थन तुरंत नहीं मिला, लेकिन जब मिला तो वह सच्चा, बिना शर्त और मजबूत था।

पिता के साथ होने से संभव हुई सर्जरी

अनाया ने आगे लिखा कि यह सर्जरी उनके लिए एक बड़ा कदम था, लेकिन पिता के साथ होने से यह संभव लगा। उन्होंने कहा कि विकास और प्यार, दोनों को समय लगता है, लेकिन जब मिलते हैं, तो सब कुछ सार्थक हो जाता है। यह सर्जरी उनके लिए बहुत बड़ा कदम था, लेकिन उनके साथ होने से यह मुमकिन लगा। आगे बढ़ने में समय लगता है। प्यार में समय लगता है। लेकिन जब वह मिलता है, तो वह हर चीज से बढ़कर होता है।

2023 में सार्वजनिक हुई अनाया की जेंडर ट्रांजिशन

अनाया की जेंडर ट्रांजिशन 2023 में ज्यादा सार्वजनिक हुई, जब उन्होंने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) शुरू की और इस प्रक्रिया के कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर साझा किए। सर्जरी उनके लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत उपलब्धि रही, जिससे वह अपनी पहचान के अनुरूप खुद को और बेहतर महसूस करने लगीं। हालांकि, क्रिकेट के साथ उनका रिश्ता अब भी जटिल बना हुआ है। उन्होंने पहले इस्लाम जिमखाना और बाद में यूके के हिंकले क्रिकेट क्लब के लिए खेला, लेकिन नियमों के कारण उन्हें खेल से दूर होना पड़ा।

आईसीसी नहीं देता है जेंडर ट्रंजिशन के बाद महिला क्रिकेट खेलने की अनुमति

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) और इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के नियमों के अनुसार, वे ट्रांसजेंडर महिलाएं जिन्होंने पुरुष रूप में प्यूबर्टी से गुजरी हैं, उन्हें एलीट महिला घरेलू क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं है। इसलिए अनाया को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से हटना पड़ा।|

(IANS)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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