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कौन होगा नया मुख्य चयनकर्ताः चीफ सेलेक्टर की दौड़ में शामिल अजीत अगरकर ने दिल्ली कैपिटल्स का साथ छोड़ा

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  • Updated Jun 29, 2023, 05:48 PM IST

Ajit Agarkar, Chief Selector: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अजीत अगरकर भारत के मुख्य चयनकर्ता की दौड़ में हैं और अब उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल टीम में सहायक कोच के पद से इस्तीफा भी दे दिया है। अगरकर का नाम दौड़ में होने से बीसीसीआई को चयन समिति के प्रमुख का सालाना वेतन एक करोड़ से बढाना होगा।

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अजीत अगरकर (Instagram)

भारत के मुख्य चयनकर्ता की दौड़ में शामिल अजित अगरकर ने बृहस्पतिवार को दिल्ली कैपिटल्स आईपीएल टीम में सहायक कोच के पद से इस्तीफा दे दिया।अगरकर का नाम दौड़ में होने से बीसीसीआई को चयन समिति के प्रमुख का सालाना वेतन एक करोड़ से बढाना होगा जबकि बाकी सदस्यों का वेतन भी 90 लाख से अधिक करना होगा।

दिल्ली कैपिटल्स के सहायक कोच और कमेंटेटर अगरकर मुख्य चयनकर्ता के सालाना पैकेज से अधिक कमाते हैं और यही कारण है कि बीसीसीआई को मौजूदा वेतनमान की समीक्षा करनी पड़ेगी। अगरकर के दौड़ में शामिल होने की खबर पीटीआई ने बुधवार को दी थी और अब दिल्ली कैपिटल्स टीम छोड़ने की खबर से यह साफ हो गया कि वह वेस्टइंडीज के आगामी दौरे के लिये टी20 टीम चुनते समय मुख्य चयनकर्ता हो सकते हैं ।

दिल्ली कैपिटल्स ने इसकी पुष्टि की कि अगरकर और शेन वॉटसन अब सहयोगी स्टाफ का हिस्सा नहीं हैं । टीम ने ट्वीट किया ,‘‘आपके लिये यह हमेशा घर रहेगा । धन्यवाद अजित और वाट्टो (वॉटसन) । भविष्य के लिये शुभकामनायें ।’’ अगरकर 2021 में भी चयनकर्ता के पद के लिये इंटरव्यू दे चुके हें जब उत्तर क्षेत्र से चेतन शर्मा समिति के अध्यक्ष बने थे । दिवंगत रमाकांत आचरेकर के शिष्य रहे 45 वर्ष के अगरकर 191 वनडे, 26 टेस्ट और चार टी20 मैच खेल चुके हैं ।

समझा जाता है कि उस समय मुंबई क्रिकेट संघ को अगरकर की दावेदारी से समस्या थी और यही वजह है कि उन्हें नहीं चुना गया । इसके अलावा उन्हें चुनने पर चेतन शर्मा अध्यक्ष नहीं बनते जिन्हें बोर्ड के एकवर्ग का समर्थन हासिल था । एमसीए के मौजूदा पदाधिकारियों को अब दिक्कत नहीं है क्योंकि उनके पास सलिल अंकोला है।

दिलीप वेंगसरकर और रवि शास्त्री के नाम की भी अटकलें लगाई जा रही है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि उन्होंने आवेदन किया है या नहीं। वेंगसरकर 2005 से 2008 तक अध्यक्ष रह चुके हैं और अधिकतम कार्यकाल चार साल का होता है यानी उनके पास एक ही साल बचा है।

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