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वो पेनल्टी किक... ब्राजील अब सालों तक एक गलत फैसले को लेकर पछताता रहेगा

Brazil vs Norway: विनीसियस जूनियर के पास पेनल्टी स्पॉट पर गेंद थी और यह ब्राजील को बढ़त दिलाने का यह एक शानदार मौका था। लेकिन उन्होंने इसे ब्रूनो गुइमारेस को सौंप दिया। और जब तक नेमार ने ब्राजील के लिए दूसरी पेनल्टी किक ली और उसे गोल में बदल दिया, तब तक पांच बार के चैंपियन के लिए बहुत देर हो चुकी थी।

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ब्रूनो पेनल्टी किक में चूक गए

Photo : AP

Brazil Missed Penalty Against Norway, FIFA World Cup 2026: विनीसियस जूनियर के पास पेनल्टी स्पॉट पर गेंद थी और यह ब्राजील को बढ़त दिलाने का यह एक शानदार मौका था। लेकिन उन्होंने इसे ब्रूनो गुइमारेस को सौंप दिया। और जब तक नेमार ने ब्राजील के लिए दूसरी पेनल्टी किक ली और उसे गोल में बदल दिया, तब तक पांच बार के चैंपियन के लिए बहुत देर हो चुकी थी।

गुइमारेस के पेनल्टी शॉट को 14वें मिनट में ओरजान नाइलैंड ने रोक दिया और ब्राजील स्टॉपेज टाइम के अंत तक नॉर्वे के गोलकीपर को भेद नहीं सका। इससे ब्राजील रविवार को राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे से 2-1 से हार गया। यह 1990 के बाद पहला अवसर है जबकि उसकी टीम क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुंच पाई।

ब्राज़ील के कप्तान मार्किनहोस ने कहा, "हमें ब्राज़ील के लोगों से, इस स्टेडियम में आकर मैच देखने वाले सभी लोगों से माफी मांगनी होगी। मुझे लगता है कि हमें अपनी गलतियों से सीखना होगा।" ब्राजील के लोगों को चार साल तक इस बात पर पछतावा होता रहेगा कि उन्होंने फुटबॉल के शीर्ष स्कोररों में से किसी एक को पेनल्टी शॉट लेने का मौका क्यों नहीं दिया। ब्राजील को यह पेनल्टी तब मिली जब मैथियस कुन्हा को बॉक्स के अंदर स्लाइडिंग टैकल से गिरा दिया गया था।

ब्राज़ील के खिलाड़ियों के विरोध के बावजूद, शुरू में कोई फाउल नहीं दिया गया, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद पेनल्टी दी गई। ब्राजील की तरफ से मौजूदा टूर्नामेंट में सर्वाधिक चार गोल करने वाले विनीसियस के हाथों में गेंद थी और ऐसा लग रहा था कि वही किक मारेंगे।

इसके बजाय, गुइमारेस पेनल्टी स्पॉट तक गए और विनीसियस ने उन्हें गेंद सौंपी। गुइमारेस पेनल्टी को गोल में नहीं बदल पाए और इस तरह से ब्राजील में बढ़त हासिल करने का सुनहरा मौका गंवा दिया। यह ऐसा फैसला है जिसकी आगे लंबे समय तक आलोचना होती रहेगी। यह एक ऐसा फैसला है जिसकी ब्राजील के लोगों के मन में लंबे समय तक टीस बनी रहेगी।

कोच कार्लो एंसेलोटी ने बताया कि ब्राजील ने एक साल के अपने सर्वश्रेष्ठ पेनल्टी लेने वाले खिलाड़ियों के आंकड़े संकलित किए थे तथा सर्वश्रेष्ठ विकल्प नेमार और फॉरवर्ड राफिन्हा थे। इनके बाद गुइमारेस का नंबर था। लेकिन चोटों से जूझ रहे और ब्राजील के पहले दो मैचों में भी नहीं खेलने वाले नेमार को तब तक मैदान पर नहीं उतारा गया था। राफिन्हा पिछले महीने मांसपेशियों में खिंचाव के कारण बाहर हो गए थे।

एंसेलोटी ने कहा, "इसलिए, हमने ब्रूनो गुइमारेस को चुना क्योंकि हमें लगा कि उस समय मैदान पर वही सबसे अच्छा खिलाड़ी था।" पेनल्टी शूटआउट को छोड़कर, विश्व कप में 1986 के बाद यह पहला अवसर था जबकि ब्राजील पेनल्टी पर गोल नहीं कर पाया।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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