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French Open 2026: फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल फाइनल में पहुंचे अलेक्जेंडर ज्वेरेव, पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से एक जीत दूर

जर्मनी के दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने शुक्रवार को चेक गणराज्य के युवा खिलाड़ी याकुब मेंसिक को हराकर फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल फाइनल में प्रवेश कर लिया है। पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से एक कदम दूर।

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अलेक्जेंडर ज्वेरेव

Photo : AP

पेरिस: जर्मनी के दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने शुक्रवार को चेक गणराज्य के युवा खिलाड़ी याकुब मेंसिक को हराकर फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल फाइनल में प्रवेश कर लिया। वह इसके साथ ही अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से अब केवल एक जीत दूर रह गए हैं। ज्वेरेव ने रोलां गैरो के सेमीफाइनल में 20 वर्षीय मेंसिक को 7-5, 6-2, 3-6, 6-3 से हराकर अपने करियर के चौथे ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई। रविवार को होने वाले फाइनल में ज्वेरेव का सामना इटली के 14वीं वरीयता प्राप्त फ्लावियो कोबोली और विश्व रैंकिंग में 104वें स्थान पर मौजूद माटेओ अर्नाल्डी के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

खिताबी जीत के प्रबल दावेदार हैं ज्वेरेव

टूर्नामेंट की शुरुआत से ही ज्वेरेव को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। शीर्ष वरीयता प्राप्त यानिक सिनर दूसरे दौर में बाहर हो गये थे, जबकि दो बार के मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्कारेज दाहिनी कलाई की चोट के कारण टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही हट गए थे। ऐसे में ज्वेरेव पर अपने लंबे समय से प्रतीक्षित ग्रैंड स्लैम खिताब को जीतने का दबाव बढ़ गया था और अब वह इस लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अपने पहले ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में खेल रहे विश्व रैंकिंग में 27वें स्थान पर काबिज मेंसिक मुकाबले के दौरान डबल फॉल्ट की समस्या से जूझते रहे। ज्वेरेव ने उनके अनुभवहीनता का फायदा उठाते हुए महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतर खेल दिखाया और चार सेट में जीत दर्ज की।

मेंसिक ने भी किया है धुआंधार प्रदर्शन

मेंसिक ने इस हार से पहले टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। पिछले सप्ताह मैच के बाद ऐंठन के कारण व्हीलचेयर पर बैठने की नौबत आने के बावजूद उन्होंने कमाल की वापसी की थी। उन्होंने आंद्रे रुबलेव को पांच सेटों में हराया था और क्वार्टर फाइनल में ब्राजील के उभरते खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका को सीधे सेटों में मात दी थी। ज्वेरेव ने मैच के बाद कहा,'उसने कई बेहतरीन खिलाड़ियों को हराया था। मुझे पता था कि यह अब तक की सबसे कठिन चुनौती होगी। लेकिन मैं सफल रहा और जीत दर्ज की। इससे मैं बहुत खुश हूं।' यह ज्वेरेव का दूसरा फ्रेंच ओपन फाइनल होगा। पिछले साल वह फाइनल में कार्लोस अल्काराज के खिलाफ दो सेट के मुकाबले में 2-1 की बढ़त लेने के बावजूद हार गए थे। इससे पहले 2020 यूएस ओपन फाइनल में भी वह दो सेट की बढ़त गंवाकर डोमिनिक थीम से हार गए थे। वहीं 2025 ऑस्ट्रेलियन ओपन फाइनल में उन्हें यानिक सिनर ने सीधे सेटों में पराजित किया था।

दोनों खिलाड़ियों ने की खराब शुरुआत

बादल छाए रहने और तेज हवा के बावजूद कोर्ट (स्टेडियम) की छत खुली रही। शुरुआती सेट में दोनों खिलाड़ी कई बार गलत शॉट खेलते नजर आए। मेंसिक ने ’सर्व-एंड-वॉली’ रणनीति अपनाने की कोशिश की, जबकि ज्वेरेव लाल बाजरी के कोर्ट पर बेसलाइन से अधिक मजबूत दिखाई दिए। पहले सेट के अंतिम चरण में मेंसिक ने लगातार दो डबल फॉल्ट किए, जिससे ज्वेरेव को पहली बार उनकी सर्विस तोड़ने का मौका मिला। दूसरे सेट में भी ज्वेरेव ने शुरुआती ब्रेक हासिल किया और मेंसिक के एक और डबल फॉल्ट के बाद 5-2 की बढ़त बना ली।

ज्वेरेव ने गंवाया टूर्नामेंट में दूसरा सेट

मेंसिक ने तीसरे सेट की शुरुआत में गर्दन में परेशानी के कारण ट्रेनर से उपचार लिया और फिर मेडिकल टाइमआउट के लिए कोर्ट से बाहर चले गए। खेल दोबारा शुरू होने पर ज्वेरेव ने कोण बनाकर शानदार शॉट लगाए और मेंसिक को कोर्ट के एक छोर से दूसरे छोर तक दौड़ाया। एक मौके पर मेंसिक ने निराशा में अपना रैकेट भी फेंक दिया, क्योंकि उन्हें पता था कि वह गेंद तक नहीं पहुंच पाएंगे। दर्शकों ने ज्वेरेव के उपनाम ’साशा’ के नारे लगाए, लेकिन साथ ही ’लेट्स गो मेंसिक’ के नारों से चेक गणराज्य के खिलाड़ी का भी उत्साह बढ़ाया। मेंसिक ने तीसरे सेट में दो बेहतरीन ड्रॉप शॉट खेलकर ज्वेरेव की सर्विस तोड़ी और 4-2 की बढ़त बना ली। यह टूर्नामेंट में केवल दूसरा सेट था जो ज्वेरेव ने गंवाया।

पहले ग्रैंडस्लैम खिताब से हैं एक कदम दूर

ज्वेरेव ने कहा,तीसरे सेट में उसने शानदार खेल दिखाया। पांच सेट के मैचों में ऐसा होता है। प्रतिद्वंद्वी बेहतर खेल सकता है। आपको हालात को संभालना पड़ता है और मैंने ऐसा किया। उम्मीद है कि रविवार को भी मैं एक और बेहतरीन मैच खेलूंगा।' चौथे सेट के दौरान एक रैली में मेंसिक नेट की ओर दौड़े, लेकिन ज्वेरेव ने अपनी लंबी पहुंच का उपयोग करते हुए शानदार क्रॉस-कोर्ट रिटर्न खेला। गेंद नेट पार कर इतनी दूर गिरी कि मेंसिक उसके करीब भी नहीं पहुंच सके। उस क्षण वह केवल मुस्कुरा दिए, मानो उन्हें एहसास हो गया हो कि इस दिन ज्वेरेव का खेल उन पर भारी पड़ रहा है।

(भाषा)

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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