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Ahmedabad Host CWG 2030: अहमदाबाद को मिली 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी, ग्लासगो में लगी फैसले पर मुहर

अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबनी मिल गई है। आयरलैंड की राजधानी ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्स गेम्स फेडेरेशन की बैठक में आधिकारिक तौर पर मेजबानी में मुहर लगी है।

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2030 राष्टमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद को मिलने पर खुशी जाहिर करता भारतीय दल

ग्लासगो: अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर साल 2030 में आयोजित होने वाले राष्ट्रंमडल खेलों की मेजबानी मिल गई है। स्काटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्स गेम्स फेडेरेशन की बैठक में अहमदाबाद को मेजबानी दिए जाने के फैसले पर मुहर लगी। भारत दूसरी बार कॉमनवेल्स गेम्स का मेजबान बना है। इससे पहले साल 2010 में भारत ने नई दिल्ली में 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी। 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों के 100 साल भी पूरे हो रहे है। इसलिए इस बार के खेलों को महत्व भी बढ़ गया है। राष्ट्रमंडल खेल 2030 के आयोजन का मुख्य केंद्र वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव होगा। इसके अलावा गुजरात पुलिस अकादमी और वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नें भी खेलों का आयोजन होगा।

74 देशों ने लगाई अहमदाबाद की मेजबानी पर मुहर

बुधवार को 74 कॉमनवेल्थ सदस्य देशों और क्षेत्रों के डेलीगेट्स ने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली में भारत की बोली को मंजूरी दी। भारत ने नाइजीरिया को मेजबानी की दौड़ में पछाड़ा। पहले कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुआ था। इंग्लैंड के बर्मिंघम में साल 2022 में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था जिसमें ऑस्ट्रेलिया मेडल टेबल में टॉप पर रहा, बाकी टॉप पांच में इंग्लैंड, कनाडा, भारत और और न्यूजीलैंड रहे थे। साल 2026 में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन ग्लासगो में होगा। इसके बाद कारवां भारत के अहमदाबाद पहुंचेगा।

गरबा और ढोल नगाड़ों से गूंजा जनरल असेंबली हॉल

अहमदाबाद को 2030 राष्ट्रमंडल खेलों का मेजबान घोषित किए जाने के तुरंत बाद 20 गरबा डांसर और 20 भारतीय ढोल वादक जनरल असेंबली के हॉल में प्रवेश कर आए और उन्होंने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति से वहां मौजूदा डेलिगेस्ट के मन मोह लिए और इस बात के संकेत दे दिए कि गुजरात में आयोजित होने वाले खेलों में खिलाड़ियों और प्रशंसकों को भारत की सांस्कृति और गौरव की झलक देखने को मिलेगी।

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए है सुनहरे दौर की शुरुआत

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के प्रेसिडेंट डॉ डोनाल्ड रुकारे ने कहा, यह कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। 'गेम्स रीसेट' के बाद हम कॉमनवेल्थ की 74 टीमों का स्वागत करने के लिए ग्लासगो 2026 जा रहे हैं इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स के खास शताब्दी संस्करण के लिए अहमदाबाद 2030 पर अपनी नजरें जमाएंगे। भारत अपने साथ नए आयाम, युवाशक्ति, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, खेलों के प्रति जबरदस्त जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 2034 गेम्स और उसके बाद की मेजबानी के लिए कई देशों की जबरदस्त दिलचस्पी है। हम कॉमनवेल्थ गेम्स की अपनी अगली सदी की शुरुआत बेहद अच्छी स्थिति में कर रहे हैं।'

अगली सदी की नींव रखेंगे 2030 के राष्ट्रमंडल खेल

अहमदाबाद को मेजबान घोषित किए जाने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कहा, 'कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने जो भरोसा दिखाया है, उससे हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। 2030 में आयोजित होने वाले खेल कॉमनवेल्थ मूवमेंट के सौ साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे साथ ही अगली सदी की नींव भी रखेंगे। यह कॉमनवेल्थ के सभी देशों के एथलीट, कम्युनिटी और कल्चर को दोस्ती और तरक्की की भावना के साथ एकजुट करेगा।'

bhawana gupta
भावना किशोरauthor

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मूल की भावना ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIMC से 2014 में पत्रकारिता की पढ़ाई की. 12 सालों से मीडिया में काम कर रही हैं. न्यूज़ नेशन, इंडिया न्यूज़, टीवी 9 भारतवर्ष और ज़ी न्यूज़, न्यूज 18 में काम करने का अनुभव. अभी Times Now में Special correspondent हैं.दिल्ली सरकार, स्वास्थ्य ,रेल, कल्चरल, शिक्षा मंत्रालयों के साथ दिल्ली क्राइम ,पॉलिटिक्स और राजधानी की हर छोटी बड़ी खबरों पर खास तौर से नजर रखती हैं. लोगों से जुड़ी खबरों पर काम करने और लोगों तक सही और सटीक खबरें पहुंचाने को अपना मकसद मानती हैं।

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