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Yome Ashura Ki Dua In Hindi : 10वें मुहर्रम यौम-ए-आशूरा की दुआ और विशेष दुआ क्या है, यहां पढ़ें दुआ-ए-आशूरा इन हिंदी

Ashura Ki Dua In Hindi (आशूरा की दुआ): 26 जून को यौम-ए-आशूरा का रोजा रखा गया है। इस दिन दुआ पढ़ना बेहद आवश्यक होता है। आइए जानते हैं यौम-ए-आशूरा की दुआ इन हिंदी क्या है।

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यौम ए-आशूरा की दुआ

Ashura Ki Dua In Hindi (आशूरा की दुआ): इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 26 जून 2026 को मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी यौम-ए-आशूरा है। यह दिन मुस्लिम समुदाय के लिए बेहद खास और महत्वपूर्ण माना जाता है। आशूरा के दिन लोग इबादत करते हैं, नमाज पढ़ते हैं और अल्लाह से रहमत, बरकत और गुनाहों की माफी की दुआ करते हैं।

इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, यौम-ए-आशूरा के दिन की गई दुआओं को विशेष महत्व दिया जाता है। यह दिन पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाता है। मान्यता है कि 680 ईस्वी में कर्बला की जंग में इमाम हुसैन अपने साथियों के साथ शहीद हुए थे। इसलिए आशूरा के दिन मुस्लिम लोग इबादत, दुआ और मातम के जरिए उन्हें याद करते हैं।

नमाज के बाद पढ़ें आशूरा की दुआ

यौम-ए-आशूरा के दिन नफ्ल नमाज अदा करने की परंपरा है। इसे अल्लाह की रजा, रहमत और बरकत पाने के लिए पढ़ा जाता है।

आशूरा की 2 रकात नफ्ल नमाज की नियत इस तरह की जाती है।

'नियत की मैंने दो रकात नफ्ल नमाज, वास्ते अल्लाह तआला के, मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ और अल्लाहु अकबर।'

इसके बाद हाथ बांधकर नमाज शुरू की जाती है। दोनों रकात में सूरह फातिहा के बाद 10 बार सूरह इखलास पढ़ने की मान्यता है।

नमाज पूरी करने के बाद

  • एक बार आयतुल कुर्सी पढ़ें।
  • 9 बार दुरूद-ए-इब्राहिम पढ़ें।
  • इसके बाद दुआ-ए-आशूरा पढ़ी जाती है।

दुआ-ए-आशूरा इन हिंदी

बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम

या काबिला तौबति आदम यौम आशूराअ

या फारिजा करबी जिन्नूनी यौम आशूराअ

या जामी अ शमली याक़ूब यौम आशूराअ

या सामी अ दाअवती मूसा व हारून यौम आशूराअ

या मुगिसा इब्राहिम मिनन्नारी यौम आशूराअ

या राफिअ इदरीस इलस्समाई यौम आशूराअ

या मुजीब दावती सालिहिन फिन्नाकती यौम आशूराअ

या नासिर सय्येदेना मुहम्मदिन सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम यौम आशूराअ

या रहमान नददुनिया वल आखिरती व रहीमहुमा, सल्लि अला सय्येदेना मुहम्मदिंव व अला आली सय्येदेना मुहम्मदिंव व सल्लि अला जमीईल अम्बियाई वल मुरसलीन।

वक़ज़ी हाजातीना फिददुनिया वल आखिरती व अतिल उमरना फी ताअतीक व मुहब्बतिक व रेदाक व अहयेना हयातन तैय्यबतं व तवफ्फना अलल ईमानी वल इस्लामी बिरहमतिक या अरहमर्राहिमीन।

अल्लाहुम्मा बीइज्जिल हसनी व अखीही व उम्मीही व अबीही व जद्दीही व बनीही फर्रिज अन्ना मा नहनू फीहि।

10 मुहर्रम की विशेष दुआ

दुआ-ए-आशूरा के बाद नीचे दी गई दुआ 7 बार पढ़ने की मान्यता है।

सुब्हानल्लाही मिलअलमिज़ानी व् मुन्तहलइल्मी व् मबलग़ र्रेरदा व ज़िन तल अर्शी लामल जाअ वला मन जाअ मिनल्लाही इल्ला इलैहि । सुब्हानल्लाही अददश शफई वल वितरि व अदद कलीमातिल्लाहित्तामती कुल्लीहा नसअलुकस्सलामत बिरहमतिक या अरहमर्राहिमीन । व हुव हसबुना व नैमल वकील । नैमल मौला व नैमन्नसिर । वलाहौला वला कुव्वत इल्ला बिल्लाहिल अलियिल अज़ीम । व सल्लल्लाहु तआला अला सय्येदेना मुहम्मदिंव व्अला आलिहि वसहबिहि वअलल मुअमिनीना वल मुअमिनाती वल मुस्लिमीन वल मुस्लिमाति अदद ज़ररातील वुजुदी व् अदद मालुमातील्लाही वलहम्दुलिल्लाही रब्बिल आलमीन । आमीन । सुम्मा आमीन ।

(पूरी दुआ पढ़ने के बाद अल्लाह से अपनी जरूरतों और परेशानियों को दूर करने की दुआ की जाती है।)

आशूरा के दिन दुआ पढ़ने का महत्व

मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति यौम-ए-आशूरा के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक सच्चे मन से दुआ-ए-आशूरा पढ़ता है, उसे अल्लाह की रहमत और सुरक्षा प्राप्त होती है। इस दिन लोग अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं और परिवार, समाज व पूरी दुनिया के लिए अमन और खुशहाली की दुआ करते हैं। यौम-ए-आशूरा का दिन इबादत, सब्र और अल्लाह पर भरोसे का संदेश देता है। इस दिन नमाज, दुआ और नेक कार्यों के जरिए अल्लाह की इबादत की जाती है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई आशूरा की दुआ safarkidua.in से ली गई है। केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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