अध्यात्म

यम का दीपक जलाने की विधि: जानें यम दीपक में क्या-क्या डालें, किस दिशा में रखें और कैसे करें पूजा

Yam Deepak Vidhi: यम का दीपक जलाने की विधि क्या है? यम दीपक में कौन-कौन सी चीजें डालनी चाहिए? जानें यम दीपक किस दिशा में रखें, इसे जलाने का सही समय और धार्मिक महत्व।

Image

यम का दीपक जलाने की विधि क्या है, इसमें क्या-क्या डालना चाहिए (AI Image)

Yam Deepak Vidhi: धनतेरस के दिन घर में सुख-समृद्धि और अच्छी सेहत की कामना के साथ दीपक जलाने की परंपरा है। इसी दिन एक खास दीपक यमराज के नाम से भी जलाया जाता है। इसे यम दीपक या यमराज का दीपक कहते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दीपक को जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों को लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है। इसे यमराज को समर्पित किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यम दीपक में कौन-कौन सी चीजें डाली जाती हैं? इसे जलाने का सही तरीका क्या है और दीपक किस दिशा में रखना चाहिए? आइए जानते हैं।

यम दीपक में क्या-क्या डालना चाहिए

यम दीपक जलाने के लिए मिट्टी का दीपक इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है। इसके लिए एक बड़ा और साफ मिट्टी का दीपक लें। इसमें ये चीजें डाल सकते हैं:

  • सरसों का तेल: यम दीपक में सरसों का तेल डालने की परंपरा है। इसे नकारात्मकता दूर करने और शुभता से जोड़कर देखा जाता है।
  • रुई की बाती: दीपक जलाने के लिए रुई की बाती रखें। बाती को तेल में अच्छी तरह डुबो दें।
  • काले तिल: यम दीपक में काले तिल डालना शुभ माना जाता है। काले तिल का संबंध धार्मिक रूप से पितरों और यमराज की पूजा से भी जोड़ा जाता है।
  • थोड़ा सा आटा: कुछ परंपराओं में आटे का दीपक बनाने या दीपक के नीचे आटे की छोटी ढेरी रखने का चलन है।
  • फूल और अक्षत: पूजा के दौरान यमराज को फूल और अक्षत अर्पित कर सकते हैं।

ध्यान रखें कि हर क्षेत्र में यम दीपक की सामग्री और विधि थोड़ी अलग हो सकती है। जरूरी नहीं कि सभी चीजें दीपक के अंदर ही डाली जाएं।

यम का दीपक जलाने की विधि क्या है

यम दीपक जलाने की विधि बहुत सरल है। इसके लिए किसी विशेष पूजा सामग्री की जरूरत नहीं होती। आप घर पर ही श्रद्धा के साथ यह पूजा कर सकते हैं।

1. सबसे पहले शाम के समय स्नान करें या हाथ-पैर धोकर साफ कपड़े पहनें।

2. मिट्टी का एक साफ दीपक लें और उसमें सरसों का तेल भरें।

3. दीपक में रुई की बाती लगाएं। चाहें तो थोड़े काले तिल भी डाल सकते हैं।

4. घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीपक रखें। इसे घर के बाहर रखने की परंपरा है।

5. दीपक जलाने के बाद यमराज का ध्यान करें और परिवार की लंबी उम्र तथा अच्छी सेहत की प्रार्थना करें।

6. हाथ जोड़कर भगवान यमराज से परिवार की रक्षा करने की कामना करें।

यम दीपक किस दिशा में रखना चाहिए

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यमराज को दक्षिण दिशा का स्वामी माना जाता है। इसलिए यम दीपक दक्षिण दिशा की ओर जलाने की परंपरा है। इसे घर के मुख्य द्वार के बाहर रखना शुभ माना जाता है। दीपक की लौ दक्षिण दिशा की ओर रखने की भी मान्यता प्रचलित है।

यम दीपक कब जलाना चाहिए

धनतेरस के दिन प्रदोष काल में यम दीपक जलाने की परंपरा है। सूर्यास्त के बाद का समय इसके लिए उपयुक्त माना जाता है। कई घरों में इसे शाम के समय मुख्य पूजा के बाद जलाया जाता है। इस दिन यमराज के नाम से दीपदान करने का विशेष महत्व बताया गया है।

यम दीपक जलाने का क्या महत्व है

पौराणिक मान्यता के अनुसार, यम दीपक जलाने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति का आशीर्वाद देते हैं। इस परंपरा के पीछे एक कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि एक राजा के पुत्र की कुंडली में विवाह के चौथे दिन मृत्यु का योग था। उसकी पत्नी ने रातभर दीपक जलाए और सोने-चांदी के आभूषण दरवाजे पर रखकर यमराज का रास्ता रोक दिया। मान्यता है कि यमराज उसके पति के प्राण नहीं ले सके। तभी से यम दीपक जलाने की परंपरा जुड़ी मानी जाती है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

और पढ़ें
End of Article