अध्यात्म

बसंत पंचमी पर क्यों पहना जाता है पीला रंग, जानें क्या है इसके पीछे की कहानी

  • Authored by: Srishti
  • Updated Jan 22, 2026, 08:37 PM IST

आपने अक्सर लोगों को बसंत पंचमी के दिन पीला पहनते हुए देखा होगा। पीला रंग और सरस्वती पूजा का खास कनेक्शन है। यहां से आप इसकी अध्यात्मकि और वैज्ञानिक कहानियों के बारे में जान सकते हैं और समझ सकते हैं कि इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े ही क्यों पहनते हैं।

बसंत पंचमी के दिन पीला क्यों पहनते हैं (pc: canva)

बसंत पंचमी के दिन पीला क्यों पहनते हैं (pc: canva)

भारत में त्योहार केवल परंपराएं नहीं होते, बल्कि उनके पीछे गहरा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व भी छिपा होता है। बसंत पंचमी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो हर साल माघ महीने की शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है। इस साल ये खास दिन 23 जनवरी को है। इस दिन विशेष रूप से पीले रंग के कपड़े पहनने की परंपरा है। आइए, समझते हैं कि बसंत पंचमी पर पीला रंग ही क्यों पहना जाता है और इसके पीछे आध्यात्मिक तथा वैज्ञानिक कारण क्या है।

बसंत पंचमी का महत्व

बसंत पंचमी से बसंत ऋतु की शुरुआत मानी जाती है। यह ऋतु सर्दी और गर्मी के बीच का संतुलित समय होती है, जब प्रकृति फिर से खिल उठती है। खेतों में सरसों के पीले फूल लहराने लगते हैं, पेड़ों पर नई कोपलें आती हैं और वातावरण में उल्लास भर जाता है। इसी दिन विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। इसलिए यह दिन शिक्षा, कला और बुद्धि के लिए भी विशेष माना जाता है।

पीला रंग पहनने का आध्यात्मिक कारण

1. पीला रंग शुभता का प्रतीक

भारतीय परंपरा में पीला रंग ज्ञान, प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। माँ सरस्वती को भी पीले वस्त्र अर्पित किए जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि पीला रंग मन को शांत करता है और बुद्धि को तेज करता है।

2. सात्विक गुण से जुड़ाव

आध्यात्मिक दृष्टि से पीला रंग सात्विक गुण का प्रतिनिधित्व करता है। सात्विकता से तात्पर्य है – शुद्धता, संतुलन और सकारात्मक विचार। बसंत पंचमी के दिन पीला रंग पहनने से मन में शांति, एकाग्रता और सद्भाव का भाव बढ़ता है।

3. सूर्य ऊर्जा का प्रतीक

पीला रंग सूर्य से जुड़ा माना जाता है। सूर्य जीवन और ऊर्जा का स्रोत है। इस दिन पीला रंग धारण करने से व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होता है, जिससे वह मानसिक और आत्मिक रूप से मजबूत महसूस करता है।

पीला रंग पहनने का वैज्ञानिक कारण

1. मौसम और मनोविज्ञान का संबंध

बसंत ऋतु में ठंड कम होने लगती है और वातावरण सुखद हो जाता है। वैज्ञानिक रूप से पीला रंग हैप्पी कलर माना जाता है, जो दिमाग में सकारात्मक हार्मोन को सक्रिय करता है। इससे मूड अच्छा रहता है और तनाव कम होता है।

3. आंखों और मस्तिष्क पर प्रभाव

पीला रंग आंखों को सबसे जल्दी और साफ दिखाई देता है। यह मस्तिष्क को सक्रिय करता है और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए यह रंग विशेष लाभकारी माना जाता है, जो बसंत पंचमी के शैक्षिक महत्व से भी जुड़ा है।

3. ताप और ऊर्जा संतुलन

पीला रंग सूर्य की किरणों को संतुलित रूप से परावर्तित करता है। न तो यह अधिक गर्मी सोखता है और न ही ठंड बढ़ाता है। इसलिए बदलते मौसम में यह रंग शरीर के लिए आरामदायक होता हैॉ

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Srishti
Srishti author

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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