Chandra Grahan Ke Bad Kya Karna Chahie Or Kya Nahi Karna Chahiye In Hindi: आज यानी 5मई की रात्रि में 8 बजकर 45 मिनट से साल का पहला चंद्र ग्रहण लग गया है। ये देर रात 1 बजे तक समाप्त होगा। चंद्र ग्रहण भारत समेत यूरोप, सेंट्रल एशिया, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, प्रशांत अटलांटिक और हिंद महासागर में ही देखा जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्र ग्रहण की घटना को अशुभ माना जाता है और इससे बचने के उपाय भी बताए गए हैं। ऐसे में चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए ग्रहण समाप्त होते ही उन उपायों को कर लेनी चाहिए। साथ ही कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए। यहां जानिए चंद्र ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए और क्या नहीं इन हिंदी...
What To Do After The Lunar Eclipse 2023 चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें?
1. चंद्र ग्रहण के समाप्त होते ही घर, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान आदि की साफ-सफाई कर लेनी चाहिए। हर जगह गंगाजल का छिड़काव कर उसे पवित्र करना चाहिए। अगर आपके घर के आसपास कोई मंदिर है तो उसकी भी साफ-सफाई जरूर करें।2. चंद्र ग्रहण के बाद स्वयं भी पवित्र नदी में स्नान करें। संभव न हो तो नहाने के जल में गंगा जल डालकर ही स्नान कर लें। इसके बाद घर के देवी-देवताओं को भी अवश्य स्नान करवाएं। घर को अच्छे से पानी में नमक डालकर धोना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाता है।
3. चंद्र ग्रहण के बाद स्नान-पूजा आदि करने के बाद दान करना पुण्यदायी माना गया है। दान में चंद्रमा से संबंधित सफेद चीजें जैसे - दूध, दही, मिठाई, सफेद मोती, चावल, वस्त्र आदि का दान फलदाई होता है।
4. चंद्र ग्रहण के समाप्त होने के बाद खाघ पदार्थों पर गंगाजल का छिड़काव करके उनको भी शुद्ध कर लें।
5. अगर इस दौरान घर में कोई बीमार चल रहा है तो इसे स्वस्थ करने के लिए शास्त्रों में एक उपाय बताए गए हैं। इसके लिए चंद्र ग्रहण के बाद कांच के बर्तन में पानी लें और उसमें चांदी का एक सिक्का डाल दें। अब, इस बर्तन में बीमार व्यक्ति का चेहरा दिखाएं। फिर सिक्का सही किसी ब्राह्मण को दान कर दें।
भूलकर भी न करें ये काम (What Not To Do During Chandra Grahan 2023)
- ग्रहण के समय किसी को अपशब्द नहीं बोलना चाहिए।
- बेमतलब की बातों की जगह संभव हो तो ग्रहण काल में मंत्रों का जाप करें।
- जो भी खाना पीना हो वो ग्रहण के पहले ही कर लेना चाहिए। क्योंकि ग्रहण काल में भोजन करना वर्जित होता है।
- इस पूरे दिन मांस मदिरा के सेवन से बचना चाहिए।
- ग्रहण काल के शुरू होने से पहले ही जल, दूध और खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए।
