अध्यात्म

Akshaya Tritiya Gold: अक्षय तृतीया पर नहीं खरीद पा रहे हैं सोना? तो जरूर खरीदें 5 रुपये की ये छोटी सी चीज़- मां लक्ष्मी होंगी प्रसन्न!

What To Buy On Akshaya Tritiya Other Than Gold: आज अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जा रहा है। ये दिन सोने की खरीदारी के लिए लिहाज से काफी शुभ माना जाता है। लेकिन अगर किसी कारण आप आज सोना नहीं खरीद पा रहे हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यहां हम आपको एक ऐसी चीज के बारे में बताएंगे जिसकी खरीदारी सोने की खरीदारी जितना ही लाभ देगी।

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What To Buy On Akshaya Tritiya Other Than Gold

What To Buy On Akshaya Tritiya Other Than Gold (अक्षय तृतीया पर सोने की जगह क्या खरीद सकते हैं): अक्षय तृतीया पर्व को सीधे सोने की खरीदारी से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इस दिन बड़ी संख्या में लोग सोने के आभूषण खरीदते हैं। मान्यता है कि इस दिन सोना खरीदने से धन-संपदा में बढ़ोतरी होती है। लेकिन जो लोग इस शुभ दिन पर सोना नहीं खरीद पाते वो चांदी की खरीदारी करते हैं। लेकिन अगर किसी कारण आप चांदी भी नहीं खरीद पा रहे हैं तो ऐसे में क्या चीज आपको खरीदनी चाहिए। इस बारे में हम आपको बताएंगे।

हर किसी के मन में ये सवाल होता है कि अगर अक्षय़ तृतीया पर सोना नहीं खरीद पा रहे हैं तो क्या करें? ऐसी कौन सी चीज है जो आपको सोने की खरीदारी जितना ही फल देगी? तो बता दें कि आप अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने की बजाय जौ या पीली सरसों भी खरीद सकते हैं। कहते हैं इस शुभ दिन पर इस चीज की खरीदारी सोने की खरीदारी जितना ही शुभ फल देती है। शास्त्रों में तो जौ को स्वर्ण के सामान ही माना गया है।

इस दिन सेंधा नमक, मिट्टी के घड़े, बर्तन या कौड़ी की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इस दिन तांबे या पीतल के बर्तन ही घर लाएं स्टील के नहीं। कहते हैं अक्षय तृतीया पर इन चीजों की खरीदारी भी धन-धान्य में वृद्धि करती है। इस दिन चाहे कुछ भी खरीद रहे हों लेकिन कौड़ी जरूर खरीदें। क्योंकि ये माता लक्ष्मी की प्रिय मानी जाती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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