अध्यात्म

Vivah Panchami Dos And Don't: विवाह पंचमी के दिन क्या करें क्या नहीं, यहां जानिए सारे नियम

Vivah Panchami Dos And Don't: विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और माता सीता की पूजा की जाती है। सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस दिन कुछ काम को करना चाहिए और कुछ काम को करने की मनाही की जाती है। आइए जानते हैं इस दिन क्या करें क्या नहीं।

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Vivah Panchami Dos And Don't

Vivah Panchami Dos And Don't: हिंदू धर्म में विवाह पंचमी के त्योहार का बहुत ही खास महत्व है। इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। विवाह पंचमी का पर्व हर साल मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल विवाह पंचमी 6 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन राम और सीता जी के विवाह का सालगिरह मनाया जाता है। विवाह पंचमी पर राम जी और माता सीता की विधिवत पूजा- अर्चना की जाती है। शास्त्रो में विवाह पंचमी के दिन के लिए कुछ खास नियम बताए गए हैं। इस दिन कुछ काम को करना शुभ होता है और कुछ काम को नहीं किया जाता है। आइए जानते हैं कि विवाह पंचमी के दिन क्या करें क्या नहीं।

Vivah Panchami 2024 Dos (विवाह पंचमी के दिन क्या करें)

  • विवाह पंचमी के दिन भगवान राम और माता सीता का पूजा करें।
  • इस दिन दान करना चाहिए और धार्मिक आयोजन किया जाता है।
  • विवाह पंचमी पर गंगा स्नान और दान करना शुभ माना जाता है।
  • इस दिन भोजन में सात्विक भोजन का ही प्रयोग करना चाहिए।
  • विवाह पंचमी के अवसर पर राम सीता के मंदिर में भजन कीर्तन किया जाता है।
  • विवाह पंचमी के दिन कुंवारी कन्याओं को 108 बार जानकी मंत्र का जाप करें।

Vivah Panchami 2024 Donts (विवाह पंचमी के दिन क्या ना करें)

  • विवाह पंचमी के दिन अंडा, प्याज, लहसुन और मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • इस दिन बाल और नाखून का काटना भी उचित नहीं माना जाता है।
  • विवाह पंचमी पर आपको जुआ नहीं खेलना चाहिए।
  • विवाह पंचमी पर अपने जीवनसाथी के साथ वाद- विवाद नहीं करना चाहिए।

विवाह पंचमी महत्व (Vivah Panchami Mahatav)

विवाह पंचमी का दिन बहुत ही शुभ माना जाता है। इस अवसर पर भगवान राम और माता सीता की विशेष पूजा की जाती है। इस दिन राम मंदिर में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। विवाह पंचमी के दिन दान- पुण्य करने से साधक को उत्तम फल की प्राप्ति होती है। राम और सीता जी का वैवाहिक एक आदर्श वैवाहिक जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

Jayanti Jha
जयंती झा author

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुए... और देखें

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