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Vishu Kani 2025: आज है विशु कानी? जानिए कैसे और कहां मनाया जाता है ये त्योहार

Vishu Kani 2025: मेष संक्रांति को ही केरल राज्य में विषु कानी या विषुक्कणी पर्व के रूप में मनाया जाता है। मालाबार क्षेत्र के निवासी विषु को ज्योतिषीय नववर्ष मानते हैं। इस पर्व वाले दिन सामूहिक भोज का आयोजन किया जाता है। जानिए इस साल विषु पर्व कब मनाया जा रहा है।

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Vishu Kani 2025

Vishu Kani 2025: विशु कानी पर्व को मलयाली हिंदू बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं। इसे बिसु के नाम से भी जाना जाता है। ये पर्व पहली राशि मेष में सूर्य के प्रवेश का प्रतीक है। केरलवासियों के लिए ये दिन ज्योतिषीय नया साल है। विषु के शुभ अवसर पर किये जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान विषुक्कणी है। जिसका अर्थ है, विषु के दिन उषाकाल के समय सबसे शुभ वस्तु के दर्शन करना, जो पूरे वर्ष सौभाग्य लाने वाला माना जाता है। चलिए जानते हैं इस साल विशु कानी पर्व कब मनाया जाएगा।

विशु कानी 2025 तिथि व मुहूर्त (Vishu Kani 2025 Date And Time)

इस वर्ष विशुक्कणी का त्यौहार 14 अप्रैल 2025 को मनाया जाएगा। विषु कानी के दिन संक्रान्ति का क्षण सुबह 03:30 बजे का है।

विषुक्कणी सामग्री (Vishu Kani Items List)

  • कोन्ना फूलों का एक गुच्छा
  • चावल
  • भगवान विष्णु या श्री कृष्ण की मूर्ति
  • दीपक
  • चावल
  • फल
  • सब्जियां
  • सुपारी
  • नारियल
  • दर्पण
  • अंगूर
  • कसावु मुंडू
  • पवित्र पुस्तक (रामायण या भगवद गीता)
  • सिक्के
  • संतरा
  • खीरा
  • सोना
ऊपर दी गई सभी चीजें समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं। विशू कानी पर्व की सुबह परिवार के सभी सदस्य प्रथम दर्शन इन्हीं चीजों के करते हैं। इस रस्‍म को ही विषुक्कणी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है इस रस्म को निभाने से घर-परिवार में पूरे साल सुख-समृद्धि बनी रहती है।

विशु कानी पर्व कैसे मनाते हैं (Vishu Kani Parv Kaise Manate Hai)

परिवार के लोग इस दिन सुबह जल्दी उठते हैं और पूजा घर में अपनी आंखें बंद करके जाते हैं जिससे वह सबसे पहले विशुक्कनी के दर्शन कर सकें। ऐसी मान्यता है कि नए साल के इस शुभ अवसर पर विशुक्कनी के दर्शन करना अत्यंत शुभ माना जाता है। कहते हैं इससे पूरे साल सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस दिन लोग पारंपरिक दावत का भी आनंद लेते हैं। जिसमें मुख्य रूप से नमकीन, मीठे, खट्टे और कड़वे व्यंजन शामिल होते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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