Venus Transit 2023: वैदिक ज्योतिष में शुक्र को को भाग्य का स्वामी माना गया है। इनके प्रभाव से जीवन में सुख समृद्धि आती है। शुक्र 15 फरवरी को रात 08 बजकर 12 मिनट पर राशि परिवर्तन कर मीन राशि में गोचर कर चुके हैं। मीन का स्वामी ग्रह गुरु है, जो अभी अपनी ही राशि में विद्यमान है। इस स्थान में आकर शुक्र अब उच्चता की स्थिति में आ चुके हैं। शुक्र 11 मार्च तक यहीं विराजमान रहेंगे और 12 मार्च को सुबह 08 बजकर 37 मिनट पर फिर से राशि परिवर्तन कर मेष राशि में चले जाएंगे, लेकिन इससे पहले 25 दिनों तक शुक्र गुरु के साथ मिलकर मीन राशि वालों का भाग्य उदय करेंगें।
मीन राशि के जातकों के लिए ये 25 दिन बेहद अच्छे परिणाम लाने वाले हैं। ग्रहों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू होते हैं। ऐसे में जब ग्रहों का राशि परिवर्तन होता है तो ये जिस भी राशि में जाते हैं, उस राशि के जातकों को दोनों ही तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ता है। मीन राशि के जिन जातकों की कुंडली में शुक्र मजबूत और शुभ स्थिति में है, उन्हें शुक्र का राशि परिवर्तन बहुत ही उच्च और सम्मानजनक पद तक पहुंचता सकता है। इसके अलावा भी कई तरह से मीन राशि वालों के लिए यह परिवर्तन बहुत बड़ा बदलाव लाने वाला है। आईये जानते हैं कि इस परिवर्तन का मीन राशि और लग्न के जातकों पर कैसा और क्या प्रभाव पड़ेगा।
राजा की तरह वैभव-विलास में बीतेगा समय
शुक्र का यह राशि परिवर्तन मीन राशि के जातकों के लिए सुख और धन लेकर आया है। इन लोगों को अचानक धनि की प्राप्ति हो सकती है। इसके अलावा यह लोग आगामी कुछ दिनों तक राजा की तरह आमोद-प्रमोद और वैभव-विलास के साथ अपना जीवन बिता सकेंगे। जो जातक किसी संस्थान में नौकरी करते हैं, उन्हें प्रमोशन मिल सकता है। ऐसे लोगों को ऑफिस में महिलाओं का सहयोग प्राप्त होगा। इसलिए इन्हें महिलाओं का आदर सम्मान करना चाहिए।
कारोबारियों और छात्रों को भी मिलेगी प्रगति
इस राशि के कारोबारियों को राशि परिवर्तन से व्यापार में अच्छी प्रगति मिल सकती है। लिक्विड परफ्यूम, सौंदर्य प्रसाधन और तरल पदार्थों से जुड़े कारोबार में विशेष लाभ हो सकता है। जो व्यापारी महिलाओं से जुड़े वस्तुओं का कारोबार करते हैं, उन्हें बड़ा लाभ मिल सकता है। वहीं, इस राशि के छात्रों को अध्ययन करने में सफलता प्राप्त होगी और मेहनत के अनुकूल परिणाम मिलेंगे।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
