अध्यात्म

वट सावित्री व्रत पर करें इन मंत्रों का जाप, यहां पढ़ें वट सावित्री मंत्र

Vat Savitri Vrat Mantra 2026 : वट सावित्री व्रत के दिन कुछ मंत्रों का जाप करने से फल दोगुना हो जाता है। आइए जानते हैं किन इस दिन किन मंत्रों का जाप करना शुभ रहेगा।

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वट सावित्री व्रत मंत्र

Vat Savitri Vrat Mantra 2026 : ज्येष्ठ अमावस्या के दिन रखा जाने वाला वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप, भक्ति और संकल्प के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस पा लिए थे। तभी से वट सावित्री व्रत का महत्व और बढ़ गया।

इस दिन बरगद यानी वट वृक्ष की पूजा के साथ कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन मंत्रों के जाप से दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

वट सावित्री व्रत पर मंत्र जाप का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास माना जाता है। ऐसे में वट वृक्ष की पूजा करते समय मंत्र जाप करने से पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। खासतौर पर सुहाग, संतान सुख, परिवार की खुशहाली और पति की लंबी उम्र के लिए इन मंत्रों का जाप किया जाता है।

वट सावित्री व्रत का प्रमुख मंत्र

पूजा के दौरान यह मंत्र बोलना शुभ माना जाता है। इसको बरगद के पेड़ को अर्घ्य देते समय पढ़ा जाता है।

'अवैधव्यं च सौभाग्यं देहि त्वं मम सुव्रते।

पुत्रान् पौत्रांश्च सौख्यं च गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तु ते॥'

मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से अखंड सौभाग्य और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

वट वृक्ष की परिक्रमा करते समय बोलें ये मंत्र

वट वृक्ष की परिक्रमा करते समय यह मंत्र बोला जाता है।

'यथा शाखाप्रशाखाभिर्वृद्धोऽसि त्वं महीतले।

तथा पुत्रैश्च पौत्रैश्च सम्पन्नं कुरु मां सदा॥'

इस मंत्र का अर्थ है कि जैसे वट वृक्ष अपनी शाखाओं के साथ लगातार बढ़ता रहता है, वैसे ही परिवार में सुख, समृद्धि और वंश वृद्धि बनी रहे।

भगवान विष्णु का मंत्र (Lord Vishnu Mantra)

वट सावित्री व्रत में भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। ऐसे में महिलाएं इस मंत्र का जाप कर सकती हैं—

“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः”

धार्मिक मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और मानसिक शांति मिलती है।

महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी माना जाता है शुभ

पति की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए महिलाएं महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी करती हैं।

'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥'

इस मंत्र को भगवान शिव का अत्यंत प्रभावशाली मंत्र माना जाता है।

मंत्र जाप करते समय रखें इन बातों का ध्यान

वट सावित्री व्रत के दिन स्नान के बाद साफ वस्त्र पहनकर पूजा करनी चाहिए। पूजा के समय मन शांत रखें और पूरे श्रद्धा भाव से मंत्रों का जाप करें। वट वृक्ष की परिक्रमा करते समय कच्चा सूत या मौली बांधना शुभ माना जाता है। कथा सुनने के बाद ही व्रत की पूजा पूर्ण मानी जाती है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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