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Vat Savitri Vrat Bhog: वट सावित्री व्रत में किन चीजों का भोग लगाया जाता है और क्या खाया जाता है, यहां जानिए

Vat Savitri Vrat Bhog 2024: वट सावित्री पूजा में गुड़ और आटे से एक खास तरह का भोग तैयार किया जाता है। जिसे खाकर ही महिलाएं अपना व्रत खोलती हैं। चलिए जानते हैं वट सावित्री भोग लिस्ट।

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Vat Savitri Vrat Bhog: वट सावित्री व्रत में किन चीजों का भोग लगाया जाता है और क्या खाया जाता है, यहां जानिए

Vat Savitri Vrat Bhog 2024: सुहागिन महिलाओं का महापर्व वट सावित्री व्रत इस साल 6 जून को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं और तरह-तरह के पकवान बनाती हैं। साथ ही इस दिन बरगद के पेड़ पर चढ़ाने के लिए एक विशेष तरह का प्रसाद भी तैयार किया जाता है। ये प्रसाद गुड़ और आटे से तैयार किया जाता है। इस आर्टिकल में हम आपको वट सावित्री व्रत के प्रसाद के बारे में जानकारी देंगे।

वट सावित्र भोग (Vat Savitri Vrat Bhog)

  • आटे और गुड़ का प्रसाद
  • मीठी पूरियां
  • आटे का हलवा
  • खीर का भोग
  • पंचामृत
  • मीठे गुलगुले

वट सावित्री व्रत का मुख्य प्रसाद कैसे बनता है (Vat Savitri Vrat Ka Prasad Kaise Banta Hai)

  • आटे और गुड़ के प्रसाद को तौयार करने के लिए सबसे पहले गेहूं का साफ शुद्ध आटा छान लें।
  • इसके बाद एक बर्तन में गुड़ या चीनी का घोल तैयार कर लें।
  • इसके बाद आटे में थोड़ा घी का मोयन डाल दें।
  • अब चीनी या गुड़ से तैयार किए गए घोल को डालते हुए रोटी के आटे से थोड़ा सख्त आटा गूंथ लें।
  • फिर आटे में थोड़ा नारियल पाउडर और इलाइची मिला लें।
  • इस आटे से मोदक जैसी शेप का भोग तैयार करें।
  • इस प्रसाद को बरगद के फल के प्रतीक के तौर पर तैयार किया जाता है।
  • बरगद पर चढ़ाने के लिए 7 और खाने के लिए भी 7 प्रसाद रूपी फल को तैयार करें।
  • बाकी बचे आटे से आप मीठी पूड़ी बना सकते हैं।

वट सावित्री व्रत का भोग कैसे लगाते हैं

वट सावित्री व्रत के दिन पारंपरिक पकवानों का भोग बरगद के पेड़ के नीचे अर्पित किया जाता है। कहते हैं ऐसा करने से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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