अध्यात्म

घर में इन 4 जगहों पर न लगाएं शीशा, बनता है दुर्घटना का कारण

Vastu Tips for Mirror: वास्तुशास्त्र के अनुसार दर्पण सिर्फ सजावट का सामान नहीं है। यह हमारे घर की ऊर्जा को भी प्रतिबिंबित करता है। माना जाता है कि दर्पण अगर गलत दिशा में लगाया जाता है तो घर में नकारात्मकता का वास होता है। ऐसे में बीमारी या आकस्मिक दुर्घटना के योग बनते हैं। इससे बचने के लिए आइए जानते हैं कि घर में दर्पण कहां नहीं लगाना चाहिए।

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घर में कहां नहीं लगाना चाहिए शीशा

Vastu Tips for Mirror: वास्तुशास्त्र में घर की दिशा, वस्तुओं की स्थिति और ऊर्जा के संतुलन को बहुत महत्व दिया गया है। माना जाता है कि अगर घर में चीजें सही दिशा में रखी जाएं तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इन्हीं चीजों में से एक घर में लगाया जाने वाला शीशा है।

वास्तु के अनुसार शीशा केवल सजावट की वस्तु नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा को प्रतिबिंबित करने का काम भी करता है। इस कारण अगर इसे गलत दिशा या स्थान पर लगाया जाए तो यह नकारात्मक प्रभाव भी पैदा कर सकता है। कई बार इससे घर में तनाव, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या दुर्घटना की संभावना बढ़ने की बात भी कही जाती है।

बिस्तर के सामने शीशा लगाना

वास्तुशास्त्र के अनुसार बेडरूम में बिस्तर के ठीक सामने शीशा लगाना शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि सोते समय अगर व्यक्ति का प्रतिबिंब शीशे में दिखाई देता है तो इससे मानसिक बेचैनी और तनाव बढ़ सकता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार यह दांपत्य जीवन में भी मतभेद बढ़ा सकता है। इस कारण कोशिश करनी चाहिए कि सोते समय शीशे में बिस्तर का प्रतिबिंब न दिखे।

मुख्य दरवाजे के सामने शीशा

घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने शीशा लगाना भी वास्तु में ठीक नहीं माना जाता। मान्यता है कि मुख्य दरवाजे से घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है, लेकिन अगर सामने शीशा लगा हो तो वह ऊर्जा वापस बाहर लौट सकती है। इससे घर में स्थिरता और समृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

रसोई के सामने शीशा

रसोई के ठीक सामने या रसोई के अंदर बड़े शीशे लगाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। वास्तु के अनुसार रसोई में अग्नि तत्व का प्रभाव होता है। अगर यहां शीशा हो और उसमें आग का प्रतिबिंब दिखाई दे तो यह ऊर्जा असंतुलन पैदा कर सकता है, जिससे घर में तनाव या अनचाही घटनाएं बढ़ने की आशंका मानी जाती है।

सीढ़ियों के सामने शीशा

घर में सीढ़ियों के ठीक सामने या ऊपर की ओर बड़े शीशे लगाना भी वास्तु के अनुसार सही नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे घर की ऊर्जा का प्रवाह अस्थिर हो सकता है। कुछ मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि इससे परिवार के सदस्यों को चोट या दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।

टूटा या धुंधला शीशा

वास्तुशास्त्र में टूटा हुआ या धुंधला शीशा घर में रखना बिल्कुल उचित नहीं माना गया है। ऐसा शीशा नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने वाला माना जाता है। इसलिए अगर घर में कोई शीशा टूट जाए या बहुत पुराना हो जाए, तो उसे तुरंत हटा देना बेहतर माना जाता है।

कहां लगाना चाहिए शीशा

वास्तु के अनुसार घर में उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर शीशा लगाना अच्छा माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ने की बात कही जाती है। ड्राइंग रूम या डाइनिंग एरिया में सही दिशा में लगाया गया शीशा घर की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ सकारात्मक माहौल बनाने में भी मदद करता है।

इस तरह वास्तुशास्त्र के अनुसार घर में शीशा लगाते समय उसकी दिशा और स्थान का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। सही जगह पर लगाया गया शीशा जहां घर की सुंदरता बढ़ाता है, वहीं गलत जगह पर लगाया गया शीशा कई तरह की परेशानियों का कारण भी बन सकता है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी वास्तु शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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