अध्यात्म

वरदा गणेश चतुर्थी पर कैसे और कब करें पूजा, जानिए गणेश जी की पूजा विधि और मंत्र, पूजा मुहूर्त

Varada Ganesh Chaturthi 2026 : आज वरदा विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। आज के दिन भगवान गणेश की पूजा कब और कैसे करें। आइए जानते हैं।

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वरदा विनायक चतुर्थी पूजन विधि

Varada Ganesh Chaturthi 2026 : भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य देव माना जाता है। हर महीने आने वाली चतुर्थी तिथि गणपति बप्पा की पूजा के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को वरदा गणेश चतुर्थी कहा जाता है। इस बार यह चतुर्थी अधिक मास में पड़ी है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

वरदा गणेश चतुर्थी 2026 कब है?

पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि की शुरुआत 19 मई 2026 को दोपहर 2 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन 20 मई 2026 को सुबह 11 बजकर 6 मिनट तक होगा। उदयातिथि के आधार पर वरदा गणेश चतुर्थी का व्रत 20 मई 2026, बुधवार को रखा जाएगा। इस व्रत में चंद्रमा की पूजा नहीं की जाती है, इसलिए चंद्रोदय का समय नहीं देखा जाता है।

वरदा गणेश चतुर्थी पूजा मुहूर्त (Varada Ganesh Chaturthi Puja Muhurat)

वरदा गणेश चतुर्थी पर सुबह का समय पूजा के लिए सबसे शुभ माना जाता है। भक्त ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक भगवान गणेश की पूजा कर सकते हैं।

  • ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:05 बजे से 04:47 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
  • विजय मुहूर्त – दोपहर 02:34 बजे से 03:29 बजे तक

इन शुभ समय में गणपति बप्पा की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

वरदा गणेश चतुर्थी पूजन विधि

वरदा गणेश चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ या पीले रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। अब भगवान गणेश को दूर्वा, लाल फूल, सिंदूर, अक्षत और मोदक अर्पित करें। गणपति बप्पा को लड्डू और फल का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके बाद धूप-दीप जलाकर भगवान गणेश का ध्यान करें। पूजा के दौरान गणेश चालीसा, गणेश अथर्वशीर्ष और गणेश मंत्रों का जाप करें। अंत में आरती करके परिवार में प्रसाद बांटें।

वरदा गणेश चतुर्थी पर इन बातों का रखें ध्यान

भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं करना चाहिए। वहीं पूजा के समय मन को शांत रखें और किसी प्रकार के क्रोध या नकारात्मक विचार से बचें। अगर संभव हो तो इस दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन और वस्त्र का दान करें।

गणेश जी के शक्तिशाली मंत्र

ॐ गं गणपतये नमः।

यह भगवान गणेश का सबसे प्रसिद्ध मंत्र माना जाता है। इसका जाप करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

वक्रतुंड मंत्र

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।

निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

इस मंत्र का जाप शुभ कार्यों में सफलता के लिए किया जाता है।

गणेश गायत्री मंत्र

ॐ एकदंताय विद्महे

वक्रतुंडाय धीमहि

तन्नो दंती प्रचोदयात्॥

मान्यता है कि इस मंत्र के जाप से बुद्धि, ज्ञान और सफलता की प्राप्ति होती है।

वरदा गणेश चतुर्थी का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, वरदा गणेश चतुर्थी का व्रत करने से भगवान गणेश भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यह व्रत विशेष रूप से शिक्षा, नौकरी, व्यापार और विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। माना जाता है कि सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करने पर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारी author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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