Tulsi Vivah Bhajan Lyrics In Hindi: हर साल कार्तिक महीने में तुलसी जी का विवाह शालिग्राम जी से कराया जाता है। तुलसी विवाह भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने का विशेष दिन होता है। मान्यता है कि तुलसी विवाह करवाने से कन्यादान के बराबार पुण्य फल की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इतना ही नहीं तुलसी विवाह कराने से विवाह में आने वाली रुकावटें भी खत्म हो जाती हैं। तुलसी विवाह के समय इन मंगल गीतों को जरूर गाना चाहिए। यहां देखें तुलसी विवाह के गीत।
मेरी प्यारी तुलसा जी बनेंगी दुल्हनियां...
सजके आयेंगे दूल्हे राजा।
देखो देवता बजायेंगे बाजा...
सोलह सिंगार मेरी तुलसा करेंगी।
हल्दी चढ़ेगी मांग भरेगी...
देखो होठों पे झूलेगी नथनियां।
देखो देवता...
देवियां भी आई और देवता भी आए।
साधु भी आए और संत भी आए...
और आई है संग में बरातिया।
देखो देवता...
गोरे-गोरे हाथों में मेहंदी लगेगी...
चूड़ी खनकेगी ,वरमाला सजेगी।
प्रभु के गले में डालेंगी वरमाला।
देखो देवता...
लाल-लाल चुनरी में तुलसी सजेगी...
आगे-आगे प्रभु जी पीछे तुलसा चलेगी।
देखो पैरो में बजेगी पायलियां।
देखो देवता...
सज धज के मेरी तुलसा खड़ी है...
डोली मंगवा दो बड़ी शुभ घड़ी है।
देखो आंखों से बहेगी जलधारा।
देखो देवता...
मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
आज तुलसी का सोलह सृंगार सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
तुलसी के ब्याह में गणपत जी आये
गणपत जी आये संग में रिद्धि सिद्धि लाये
रिद्धि सिद्धि बरसाये सुहाग सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
तुलसी के ब्याह में भोले जी आये
भोले जी आये संग में गौरा को लाये
गौरा रानी बरसाये सुहाग सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
तुलसी के ब्याह में विष्णु जी आये
विष्णु जी आये संग में लक्ष्मी जी को लाये
लक्ष्मी जी बरसाये सुहाग सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
तुलसी के ब्याह में रामा जी आये
रामा जी आये संग में सीता जी को लाये
सीताजी बरसाये सुहाग सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
मेरे अंगना में तुलसी का ब्याह सखियों
पत्ते पत्ते पे मोहन का नाम सखियों
नमो नमो तुलसा महारानी,
नमो नमो हर जी पटरानी।
कौन से महीने बीज को बोया,
तो कोनसे महीने में हुई हरियाली ।
नमो नमो….
सावन में मैया बीज को बोया ,
तो भादो मास हुई हरियाली ।
नमो नमो….
कौन से महीने में हुई तेरी पूजा तो,
कौन से महीने में हुई पटरानी ।
नमो नमो….
कार्तिक में हुई तेरी पूजा,
तो मंगसर मास हुई पटरानी ।
नमो नमो….
बाई तुलसी थे जपतप कीन्हा,
सालगराम हुई पटरानी ।
नमो नमो….
बारह बरस जीजी कार्तिक नहाई,
सालगराम हुई पटरानी ।
नमो नमो….
छप्पन भोग धरे हरि आगे,
तो बिन तुलसा हरि एक न मानी ।
नमो नमो….
सांवरी सखी मईया तेरो जस गावे ,
तो चरणा में वासो छीजो महारानी।
नमो नमो तुलसा महारानी
नमो नमो हर जी पटरानी।
जय जय तुलसी माता, सब जग की सुखदाता...
।। जय ।।
सब योगों के ऊपर, सब लोगों के ऊपर...
रुज से रक्षा करके भव त्राता।
।। जय।।
बटु पुत्री हे श्यामा सुर बल्ली हे ग्राम्या...
विष्णु प्रिये जो तुमको सेवे सो नर तर जाता।
।। जय ।।
हरि के शीश विराजत त्रिभुवन से हो वंदित...
पतित जनों की तारिणी तुम हो विख्याता।
।। जय ।।
लेकर जन्म विजन में आई दिव्य भवन में...
मानवलोक तुम्हीं से सुख संपत्ति पाता।
।। जय ।।
हरि को तुम अति प्यारी श्याम वरुण कुमारी...
प्रेम अजब है उनका तुमसे कैसा नाता।
।। जय ।।
बोलो तुलसी माता की जय….!!!
तुलसा तेरी डाली पर श्याम बसते
श्याम बस तेरी घनश्याम बसते
तुलसा तेरी डाली पर शाम बसते
एक तरफ सीता एक तरफ लक्ष्मण
बीच में राम भगवान बसते
तुलसा तेरी डाली पर
एक और ब्रह्मा एक और ब्रह्माणी
बीच में वेदों के ज्ञान बसते
तुलसा तेरी डाली थी श्याम बसते
एक और विष्णु एक और लक्ष्मी
बीच में धन के भंडार बसते
तुलसा तेरी डाली पर
एक और भोला एक और गोरा
बीच में डमरू के तान बजते
तुमसा तेरी डाली पर श्याम बसता
एक और रिद्धि एक और सिद्धि
बीच में गणपति साक्षात
बसते तुलसा तेरी डाली पर
एक और राधा एक और रुक्मणी
बीच में कान्हा के प्राण बसते
तुलसा तेरी डाली पर
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी।
मधुबन में तूने बांसुरी बजाई,
सब सखियां घर घर से बुलाई,
सखियों की यारी लगे तुमको प्यारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी।
गोकुल में छुपके माखन चुराये,
ग्वाल वालों सब बांट बांट खाये,
अच्छी लगे तो जग वालों की यारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी।
सारा बृज ढूंढा वृंदावन में छुप गये,
हमसे क्यों रहते हो दूर दूर हट के,
दर्शन को प्यासी है अखियां हमारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी।
निधिवन में कान्हा तूने रास रचाया,
खुद नाचे और सब को नचाया,
हमको क्यों भूल गये गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी।
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी,
पूछ रही तुलसा बताओ गिरधारी,
मैं लागू प्यारी या राधिका है प्यारी।