अध्यात्म

तुलसी के पौधे के पास नहीं रखनी चाहिए ये 8 चीजें, बनता है वास्तु दोष, आती है दरिद्रता

Tulsi Ke Pas Kya Nahi Rakhna Chahiye : हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि तुलसी के पौधे के पास कुछ चीजों को नहीं रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि वे क्या हैं?

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तुलसी के पास कौन सी चीजें नहीं रखनी चाहिए

Tulsi Ke Pas Kya Nahi Rakhna Chahiye : हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पवित्र और शुभ माना जाता है। इसे मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और घर में तुलसी का पौधा होना सुख, शांति और समृद्धि लाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य केंद्र होता है। इस कारण तुलसी आसपास की जगह का साफ, पवित्र और संतुलित होना बहुत जरूरी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर तुलसी के पौधे के पास गलत चीजें रख दी जाएं, तो इसका सीधा असर घर की ऊर्जा पर पड़ता है और कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही वास्तु दोष लगता है व घर में दरिद्रता आने लगती है। आइए जानते हैं कि तुलसी के पास किन चीजों को नहीं रखना चाहिए।

गंदगी और कूड़ा-कचरा (Garbage aur Gandagi)

तुलसी के आसपास कभी भी कूड़ा-कचरा या गंदगी नहीं होनी चाहिए। यह नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और घर के वातावरण को खराब करता है। तुलसी को पवित्रता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए उसके पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर वहां गंदगी रहती है, तो यह मां लक्ष्मी का अपमान माना जाता है और इससे आर्थिक समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।

जूते-चप्पल (Shoes aur Slippers)

तुलसी के पास जूते-चप्पल रखना अशुभ माना जाता है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है और घर में नकारात्मकता बढ़ सकती है। वास्तु के अनुसार तुलसी के पास हमेशा पवित्रता बनाए रखनी चाहिए, इसलिए जूते-चप्पलों को उससे दूर ही रखना बेहतर होता है।

टूटी-फूटी चीजें (Broken Items)

तुलसी के पौधे के पास किसी भी तरह की टूटी-फूटी या खराब चीजें नहीं रखनी चाहिए। ऐसी चीजें नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और घर में रुकावट और परेशानी का कारण बनती हैं। वास्तु में टूटी चीजों को दरिद्रता और अशुभता का प्रतीक माना जाता है।

झाड़ू (Broom)

झाड़ू को तुलसी के पास रखना भी उचित नहीं माना जाता। झाड़ू भले ही सफाई का प्रतीक हो, लेकिन इसे तुलसी के पास रखने से उस स्थान की पवित्रता प्रभावित होती है। वास्तु के अनुसार झाड़ू को हमेशा छिपाकर और अलग स्थान पर रखना चाहिए।

कांटेदार पौधे (Thorny Plants)

तुलसी के पास कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस या बबूल नहीं रखने चाहिए। ये पौधे नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और घर में तनाव और विवाद की स्थिति पैदा कर सकते हैं।

तुलसी के आसपास हमेशा शांत और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना जरूरी होता है।

मांस, शराब और तामसिक चीजें (Non-veg aur Alcohol)

तुलसी के पास मांस, शराब या अन्य तामसिक चीजें रखना पूरी तरह से वर्जित माना जाता है। इससे घर की पवित्रता भंग होती है और नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है।

तुलसी के आसपास हमेशा सात्विक और शुद्ध वातावरण बनाए रखना चाहिए।

गंदा या रुका हुआ पानी (Dirty Water)

तुलसी के पास गंदा या जमा हुआ पानी नहीं होना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। तुलसी को हमेशा साफ और ताजा जल अर्पित करें और आसपास पानी जमा न होने दें।

शिवलिंग (Shivling)

वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवलिंग को तुलसी के गमले में या उसके पास नहीं रखना चाहिए। इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी है। मान्यता है कि तुलसी जी का पूर्व जन्म में नाम वृंदा था, जिनका विवाह असुर राजा जालंधर से हुआ था। जालंधर अपनी पत्नी की पतिव्रता शक्ति के कारण अजेय था। देवताओं के अनुरोध पर जब उसका वध आवश्यक हुआ, तब अंततः भगवान शिव ने उसका संहार किया। इसके बाद वृंदा ने भगवान विष्णु को श्राप दिया और स्वयं तुलसी के रूप में पूजनीय बन गईं। बाद में उनका विवाह शालिग्राम से माना गया। इसी कारण तुलसी को भगवान विष्णु से जोड़ा जाता है, जबकि उनके पति जालंधर का वध भगवान शिव ने किया था। इस धार्मिक संदर्भ के चलते तुलसी और शिवलिंग को एक साथ रखना उचित नहीं माना जाता है, इसलिए घर में शिवलिंग और तुलसी का स्थान अलग-अलग रखना ही शुभ माना जाता है।

तुलसी के पास क्या रखें

तुलसी के पास दीपक, स्वच्छ जल, पूजा की सामग्री और साफ मिट्टी रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर तुलसी के पौधे के आसपास सही नियमों का पालन किया जाए, तो घर में हमेशा सुख, शांति और पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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Mohit Tiwari
मोहित तिवारी author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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