Totkay for Marriage: कहत हैं बेटियां बहुत जल्दी बड़ी हो जाती हैं। आज समाज चाहे जितनी तरक्की कर ले, लेकिन बेटियाें के विवाह की चिंता हर माता पिता के लिए जीवन का जैसे लक्ष्य बन जाती है। बेटी के लिए अच्छा वर और अच्छा घर, हर बाबुल का सपना होता है। लेकिन बहुत बार बेटी के रिश्ते की बात करने जाते हैं लेकिन बात नहीं बनती। कभी घर समझ नहीं आता तो कभी लड़का। कभी-कभी तो बात बनते-बनते भी बिगड़ जाती है। इन स्थितियों में तब काम आते हैं कुछ टोटके या ज्योतिष के उपाय। जिनके करने से अविवाहित कन्या के लिए वर की तलाश पूरी हो जाती है।
अविवाहित कन्या के विवाह के लिए उपाय
अविवाहित कन्या जब किसी के विवाह में जाए और अगर वहां कन्या के मेंहदी लग रही हो तो अविवाहित कन्या थाेड़ी− सी मेंहदी उस कन्या से लगवा ले, इससे उस कन्या के विवाह का मार्ग खुल जाएगा।
तो बन जाएगी बात
कन्या के विवाह की बात करने उसके घर के लोग जब किसी के यहां जाने वाले हों तो कन्या खुले बालों से, लाल वस्त्र धारण कर, हंसते हुए उन्हें मीठी वस्तु खिलाकर विदा करे। विवाह की बात अवश्य ही पक्की होगी।
शीघ्र विवाह का उपाय
जिस कन्या का विवाह न हो पा रहा हो, वह किसी भी पूर्णिमा करा रात एक कलश को जल से भरकर, उसमें कमल का पुष्प और एक कमलगट्टा डाल दे। फिर पांच सुहागिनों से उस कलश को एक चौकी पर लाल वस्त्र के उपर रखवाए। तदनंतर उस कलश को किसी कर्मकांडी ब्राह्मण द्वारा श्रीसूक्त से अभिमंत्रित करवाकर सुहागिनों से ही अभिषेक करवाकर निम्न मंत्र का बीस माला जप उसी ब्राह्मण के श्रीमुख से कराएं। फिर अगले दिन उस कलश को किसी मंदिर में रखवा दें। इससे कन्या का विवाह शीघ्र हो जाता है।
तां म आवह जातवेदों लक्ष्मीमनपगामिनीम्।
यस्यां रिण्यप्रभूतं गावो दास्योश्वान्विदेयं पुरुषानहम्।।
कन्याओं के लिए उपाय
अविवाहित कन्या किसी भी शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से भगवान शिव के नाम से सात व्रत का संकल्प लेकर व्रत आरंभ करें। वह श्वेतार्क वृक्ष के समीप जाकर, धूप− दीप अर्पित कर जल से हाथ धोकर आठ पत्ते तोड़ लाएं। सात पत्तों की एक पत्तल बनाएं और आठवें पत्ते पर कन्या अपना नाम लिखकर भगवान शिव को अर्पित करें। व्रत का भाेजन सात पत्तों की पत्तल पर ही करें। व्रत पूर्ण हो जाने पर श्वेतार्क के पुष्प शिवजी को अर्पित करें। जब विवाह हो जाए तो कन्या अपने पति के साथ जाकर एक सौ आठ श्वेतार्क के पुष्प शिवजी को अर्पित करे।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
