Ganesh Temple Rajasthan: राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में स्थित रणथंभौर किले के अंदर बना श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर अनोखी मान्यता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इस मंदिर को देश के सबसे अनोखे गणेश मंदिरों में गिना जाता है जहां भक्त अपनी मनोकामनाएं चिट्ठी में लिखकर भेजते हैं। डिजिटल दौर में जहां लोग मोबाइल और इंटरनेट के जरिए हर काम कर रहे हैं, वहीं इस मंदिर में आज भी हर दिन सैकड़ों से लेकर हजारों तक पत्र, पोस्टकार्ड और शादी के कार्ड पहुंचते हैं।
शादी का पहला निमंत्रण भी सबसे पहले भगवान गणेश को भेजने की परंपरा आज भी यहां निभाई जाती है। यही वजह है कि इसे प्यार से 'लेटर वाला गणेश मंदिर' भी कहा जाता है।
सदियों पुरानी परंपरा
इस मंदिर में भक्त चिट्ठी के जरिए अपनी इच्छाएं, परेशानियां, धन्यवाद और जीवन की खुशखबरी भगवान गणेश तक पहुंचाते हैं। कोई नौकरी मिलने की प्रार्थना करता है, कोई संतान सुख की कामना करता है, तो कोई शादी का निमंत्रण भेजता है। मंदिर की मान्यता है कि पूजा के दौरान इन चिट्ठियों को भगवान के चरणों में अर्पित किया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से लिखी गई प्रार्थना भगवान गणेश जरूर सुनते हैं। यही आस्था इस मंदिर को देशभर में अलग पहचान दिलाती है।
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कैसे पड़ा त्रिनेत्र गणेश मंदिर का नाम?
इस मंदिर का इतिहास करीब 700 साल पुराना माना जाता है। लोककथा के अनुसार, जब रणथंभौर किले पर अलाउद्दीन खिलजी ने घेरा डाल रखा था, तब राजा हम्मीर देव को सपने में भगवान गणेश के दर्शन हुए। अगले दिन किले की दीवार पर भगवान गणेश की तीन आंखों (त्रिनेत्र) वाली आकृति दिखाई दी। इसे दिव्य संकेत मानकर वहीं मंदिर का निर्माण कराया गया। तभी से यह स्थान त्रिनेत्र गणेश मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
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कैसे पहुंचे त्रिनेत्र गणेश मंदिर?
यह मंदिर रणथंभौर किले के अंदर स्थित है। यहां पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन सवाई माधोपुर जंक्शन है, जो मंदिर से लगभग 7 से 10 किलोमीटर दूर है। स्टेशन से टैक्सी और ऑटो आसानी से मिल जाते हैं। अगर आप हवाई यात्रा कर रहे हैं, तो जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है, जो करीब 180 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर के दर्शन आमतौर पर सुबह 6:30 बजे से शाम 8:00 बजे तक किए जा सकते हैं। बुधवार के दिन यहां सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं, क्योंकि यह दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है।
