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Totkay for Child Care: बच्चों के दांत निकलने के समय बहुत काम आते हैं ये दस अचूक टोटके

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 23, 2023, 01:38 PM IST

Totkay for Child Care: शिशु के दांत निकलने का समय सबसे ज्यादा मुश्किल भरा होता है। मसूड़े फूलने से लेकर दांत निकलने तक होती है बच्चे को परेशानी। बुखार, दस्त या चिड़चिड़ापन करता है बच्चे को परेशान। निम्न विशेष टोटको को करने से मुश्किल भरा समय हो सकता है आसान।

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दांत निकलें तब करें ये उपाय

KEY HIGHLIGHTS
  • टोटके और देसी इलाज का करें प्रयोग
  • बिना दर्द और बुखार के निकलेंगे दांत
  • तांबे का कड़ा बच्चे के हाथ में पहना दें

Totkay for Child Care: बच्चे के जन्म के बाद उसकी परवरिश के दौरान का सबसे मुश्किल समय होता है जब दांत निकलते हैं। इस वक्त में न ताे बच्चे बोलना जानते हैं और न ही अपनी तकलीफ को समझते हैं। मसूड़े जैसे ही फूलना शुरू करते हैं बच्चों की तकलीफें बढ़ने लगती है। कभी बुखार तो कभी दस्त, इस तरह की परेशानियों से बच्चा जहां चिड़चिड़ा होता जाता है वहीं माता पिता की रातों की नींद तक उड़ जाती है। आइये आपको दस टोटके बताते हैं, जाेकि बच्चों के दांत आसानी से निकलने में करेंगे मदद।

बिना तकलीफ के निकलेंगे दांत, इन टोटकों पर करें विश्वास

  1. कपूर की चकतियों की माला गले में धारण कराने से शिशु के दांत सरलता से निकल आते हैं।
  2. पीपल, आंवले का रस और धाय के पुष्प, इनको पीसकर रखें। यह मिश्रण मसूड़ों पर लगाने से दांत सहजता से जम जाते हैं।
  3. बच्चे के दांत सरलता से निकलें इसके लिए संभालू की जड़ का ताबीज बनाकर गले में लटकाएं।
  4. तांबे या लोहे का कड़ा बच्चे के हाथ−पैरों में पहनाने से उसके दांत सरलता से निकल आते हैं। जिस स्त्री के बच्चों के दांत सरलता से न निकलते हों, तो बच्चे के गले में कड़वी तुंबी के बीज का ताबीज बांध दें। बच्चे को आभास भी नहीं होगा कि कब दांत निकल आए।
  5. पत्थरचूर की जड़ को तांबे के ताबीज में भरवाकर, लाल सूती डाेरे की सहायता से बच्चे के गले में लटका दें। इस प्रयोग से दांत निकलते समय किसी तरह का कष्ट नहीं होता और हरे पीले रंग के हाेने वाले दस्त भी बंद हो जाते हैं।
  6. यदि शिशु मां के स्तनपान करने के तुरंत बाद ही वमन कर दे तो उसके समीप तभी कांसे का बर्तन बजा दें। इस प्रयोग से वमन का वेग शांत हो जाएगा।
  7. यदि बच्चे की नाभि इस दौरान पक गयी हो, तो बकरी की मैंगनी जलाकर उसकी राख को ठंडी करके नाभि पर बुरक दें। इससे नाभि की सूजन भी कम हो जाएगी। बच्चे की कमर में काला धागा बांधना चाहिए।
  8. बहुत बार नवजात के मुंह में छाले तक हो जाते हैं। तब पीपल के पत्ते व छाल को बारीक पीसकर और उसमें शहद मिलाकर लेप करने से बच्चों के मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
  9. यदि आपके बच्चे के भी सिर बाल कम हैं तो किसी रविवार के दिन से रसौत और हाथी दांत की राख सिर पर नित्य मलने से बाल उग आते हैं।
  10. यदि दांत निकलने के दौरान या कफ विकृति के कारण बच्चे की पसली चल रही हो और इस कारण उसे ज्वर भी हो गया हो तो अरंडी का तेल सीने पर मलकर बकायन की पत्ती हल्की गर्म करके बांध दें।
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उपरोक्त टोटकों के करने से बच्चे के दांत आसानी से निकल आते हैं। अक्सर देखा जाता है कि जब बच्चे के दांत निकल रहे होते हैं तब बच्चे बहुत कमजोर हो जाते हैं। तो घबराएं नहीं बच्चे की पीड़ा काे समझकर उपायों को करने से आराम मिलता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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