अध्यात्म

स्वप्न शास्त्र: क्या कहते हैं फलों के सपने, इस हरे फल का दिखना धन लाभ का है संकेत

Swapna Shastra: स्वप्न शास्त्र अनुसार सपने में दिखने वाली हर एक चीज का कुछ न कुछ मतलब होता है। यहां हम जानेंगे क्या कहते हैं फलों के सपने और सपने में कौन सा फल देखने से चमकती है किस्मत।

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Fruits Dream Meaning

Swapna Shastra: स्वप्न शास्त्र अनुसार हम जो कुछ भी नींद में देखते हैं उसका कोई न कोई मतलब जरूर होता है। कई बार सपने हमें शुभ संकेत देते हैं तो कई बार अशुभ। ऐसे में सपनों का अर्थ पता होना बेहद जरूरी है जिससे हम आने वाले समय के लिए तैयार हो सकें। आज हम यहां आपको फलों से जुड़े शुभ सपनों के बारे में बताएंगे। जानिए सपने में किन फलों का दिखना अच्छा होता है।

फलों के सपनों का मतलब

अनार- सपने में अनार दिखना शुभ माना जाता है। कहते हैं इस सपने के दिखने का अर्थ है कि जल्द ही धन लाभ होने वाला है जिससे कि आपकी आर्थिक स्थिति सुधर जाएगी।

अखरोट- सपने में अखरोट खाते देखना भी धन लाभ का संकेत देता है। इस सपने को देखने का अर्थ है कि आने वाले टाइम में आपकी आर्थिक स्थिति सुधरने वाली है।

अंगूर-सपने में अंगूर देखने का मतलब है कि आपको जल्द ही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलने वाला है। कोई पुरानी बीमारी जिससे आप पीड़ित हैं, उसमें आराम मिलने की संभावना है।

अमरूद- सपने में अमरूद खाते देखना मानसिक तनाव से छुटकारा मिलने का संकेत देता है। ये सपना ये भी बताता है कि आपकी कोई बड़ी समस्या का अंत होने वाला है। साथ ही आर्थिक जीवन में भी आप सफलता पाने वाले हैं।

अनानास- सपने में अनानास खाते देखना इस बात का सूचक है कि आपको किसी कार्य में सफलता मिलेगी।

आम- सपने में आम खाते देखना इस बात सूचक है कि निकट भविष्य में आपको आर्थिक लाभ होने की संभावना है जिससे उसकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

(डिसक्लेमर- इस लेख में दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है। timesnowhindi.com इसकी सटीकता या विश्वसनीयता की पुष्टि नहीं करता है। इसलिए किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की राय जरूर लें।)

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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