अध्यात्म

सूर्य ग्रहण के भजन लिरिक्स - पढ़ें सूर्य देव के भजन, यहां देखें नए-पुराने भजन लिखित में कीर्तन और आरती

Surya Grahan Ke Bhajan Lyrics (Maha Surya Grahan Ke Bhajan) सूर्यग्रहण के भजन लिरिक्स- नए-पुराने भजन लिखित में: सूर्य देव को नवग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य ग्रहण का भारतीय परंपरा में आध्यात्मिक महत्व खास है। सूर्य ग्रहण के दौरान कई श्रद्धालु मंत्र जाप, भजन-कीर्तन और आराधना में लीन हो जाते हैं। यहां पढ़ें सूर्य ग्रहण के भजन लिरिक्स, पढ़ें सूर्य ग्रहण के भजन, यहां देखें सूर्य ग्रहण के नए-पुराने भजन लिखित में।

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सूर्य ग्रहण के भजन

Surya Grahan Ke Bhajan Lyrics (Maha Surya Grahan Ke Bhajan) सूर्यग्रहण के भजन लिरिक्स- नए-पुराने भजन लिखित में: सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है, लेकिन भारतीय परंपरा में इसका आध्यात्मिक महत्व भी माना गया है। इस दिन वहीं दूसरी ओर कई श्रद्धालु मंत्र जाप, भजन-कीर्तन और आराधना में लीन हो जाते हैं। आज सूर्य ग्रहण के मौके पर पढ़ें सूर्य ग्रहण के भजन लिरिक्स पढ़ें सूर्य देव के भजन, यहां देखें नए-पुराने भजन लिखित में कीर्तन और आरती जय जय सूर्य भगवान, प्रभु जय जय सूर्य भगवान, सात घोड़े रथ पर सवार, करते जग कल्याण कीर्तन में बड़े उत्साह से गाई जाती हैं।

सूर्य ग्रहण के भजन लिरिक्स - Surya Grahan Ke Bhajan Lyrics

ॐ जय सूर्य भगवान

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।

धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।

अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।

फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।

गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।

स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।

प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।

वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।

ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।

।।ॐ जय सूर्य भगवान।।

ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।

जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।

धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।

हे आदित्य देव, कृपा करो हम पर

हे आदित्य देव, कृपा करो हम पर,

जीवन में भर दो उजियारा।

अज्ञान तिमिर सब दूर भगाओ,

दो ज्ञान का दीप तुम्हारा॥

सात घोड़ों के रथ के स्वामी,

तेज तुम्हारा जग से न्यारा।

प्रभात किरण बन कर आओ,

हर लो संकट सारा॥

हे आदित्य देव, कृपा करो हम पर…

रोग शोक सब दूर करो प्रभु,

तन-मन में शक्ति भर दो।

सूखे जीवन की धरती पर,

आशा की वर्षा कर दो॥

तुमसे ही दिन, तुमसे ही रजनी,

तुमसे जग में उजियारा।

तुम बिन सूना हर एक कोना,

तुमसे जग सारा॥

हे आदित्य देव, कृपा करो हम पर…

भक्ति भाव से शीश झुकाएं,

स्वीकारो वंदन हमारा।

सत्य मार्ग पर चलना सिखाओ,

दो आशीष तुम्हारा॥

संकट में जब नाम पुकारें,

दौड़े आना भगवाना।

दीन दुखियों के तुम हो सहारे,

रखना सदा ठिकाना॥

हे आदित्य देव, कृपा करो हम पर,

जीवन में भर दो उजियारा।

अज्ञान तिमिर सब दूर भगाओ,

दो ज्ञान का दीप तुम्हारा॥

gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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