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Surya Grahan 2027: साल 2027 में कब-कब लगेगा सूर्य ग्रहण, भारत में दिखेगा या नहीं, जानें सूतक काल का समय

Surya Grahan 2027 Date and Time (2027 में सूर्य ग्रहण कब कब है): साल 2027 में 6 फरवरी और 2 अगस्त को सूर्य ग्रहण लगेगा। जानें भारत में कौन-सा सूर्य ग्रहण दिखाई देगा, सही समय और सूतक काल कब से लगेगा।

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2027 में सूर्य ग्रहण कब कब है, नोट करें डेट और सूतक की जानकारी

Surya Grahan 2027 Date and Time (2027 में सूर्य ग्रहण कब कब है): साल 2027 खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इस साल दो सूर्य ग्रहण लगेंगे। पहला सूर्य ग्रहण 6 फरवरी को होगा, जबकि दूसरा 2 अगस्त 2027 को लगेगा। फरवरी का ग्रहण वलयाकार होगा। वहीं, अगस्त में लगने वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण अपनी लंबी अवधि के कारण दुनिया भर के स्काईवॉचर्स और यात्रियों का ध्यान खींच रहा है।

भारत के लोगों के लिए अगस्त का सूर्य ग्रहण ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगा। इसकी पूर्ण अवस्था भारत में दिखाई नहीं देगी, लेकिन देश के कई हिस्सों से सूर्य का कुछ भाग चंद्रमा से ढका हुआ नजर आएगा। यही वजह है कि इस ग्रहण के दौरान सूतक काल भी माना जाएगा।

2027 में सूर्य ग्रहण कब-कब लगेगा

सूर्य ग्रहणतारीखग्रहण का प्रकारभारत में दृश्यता
साल का पहला सूर्य ग्रहण6 फरवरी 2027वलयाकार सूर्य ग्रहणदिखाई नहीं देगा
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण2 अगस्त 2027पूर्ण सूर्य ग्रहणआंशिक रूप से दिखाई देगा

2027 का पहला सूर्य ग्रहण कब है

साल 2027 का पहला सूर्य ग्रहण शनिवार, 6 फरवरी (6 February 2027 Solar Eclipse) को लगेगा। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत शाम करीब 6 बजकर 28 मिनट पर होगी। ग्रहण का मध्य समय रात करीब 9 बजकर 30 मिनट रहेगा। इसकी समाप्ति 7 फरवरी को 12:33 am पर होगी।

6 फरवरी 2027 को वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। वलयाकार ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाता। सूर्य का बाहरी हिस्सा चमकती अंगूठी जैसा दिखाई देता है। इसे आम बोलचाल में ‘रिंग ऑफ फायर’ भी कहा जाता है।

इस ग्रहण की वलयाकार अवस्था दक्षिण अमेरिका के चिली, अर्जेंटीना, उरुग्वे और ब्राजील के कुछ इलाकों के साथ पश्चिमी अफ्रीका के कुछ देशों में नजर आएगी। भारत में उस समय सूर्य अस्त हो चुका होगा। इसलिए यहां से ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा।

क्या 6 फरवरी 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा

6 फरवरी 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इसलिए देश में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूतक काल उसी स्थान पर प्रभावी माना जाता है, जहां ग्रहण दिखाई देता है।

इस दिन मंदिरों के कपाट बंद करने, भोजन रोकने या पूजा-पाठ में बदलाव करने की आवश्यकता नहीं मानी जाएगी। लोग अपनी सामान्य दिनचर्या जारी रख सकेंगे।

2027 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा

साल 2027 का दूसरा सूर्य ग्रहण सोमवार, 2 अगस्त 2027 को लगेगा। ग्रहण की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार दोपहर करीब 1 बजे से होगी। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse 2027) होगा और इसकी पूर्णता कुछ स्थानों पर लगभग 6 मिनट 23 सेकंड तक रहेगी।

यह 21वीं सदी के सबसे लंबे पूर्ण सूर्य ग्रहणों में से एक होगा। 2 अगस्त 2027 को जो पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा, उसमें दिन के समय कुछ मिनटों के लिए अंधेरा छा जाएगा। ऐसे में छह मिनट से अधिक की पूर्णता इसे इस सदी की महत्वपूर्ण खगोलीय घटना बना रही है जिसका इंतजार सभी बेसब्री से कर रहे हैं।

बता दें कि पूर्ण ग्रहण का शानदार नजारा दक्षिणी स्पेन, मोरक्को, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, मिस्र, सऊदी अरब और यमन के कुछ हिस्सों से दिखाई देगा। मिस्र का लक्सर इस ग्रहण को देखने के प्रमुख यात्रा स्थलों में शामिल हो सकता है। यहां सूर्य लंबे समय तक पूरी तरह ढका हुआ नजर आने की संभावना है।

क्या 2 अगस्त 2027 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा

2 अगस्त 2027 को ऐसे तो पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा लेकिन भारत में यह आंशिक सूर्य ग्रहण के रूप में दिखाई देगा। देश में इसकी दृश्यता स्थान के अनुसार अलग-अलग होगी। भारत में सबसे पहले आंशिक ग्रहण दोपहर करीब 3 बजकर 34 मिनट पर दिखाई देना शुरू होगा और अंतिम दृश्यमान चरण शाम लगभग 5 बजकर 53 मिनट तक रह सकता है।

दिल्ली में ग्रहण की शुरुआत लगभग 3 बजकर 52 मिनट पर होगी। इसका अधिकतम प्रभाव करीब 4 बजकर 29 मिनट पर दिखाई देगा और ग्रहण शाम लगभग 5 बजकर 3 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। दूसरे शहरों में समय कुछ मिनट आगे या पीछे हो सकता है। पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई स्थानों पर सूर्यास्त के कारण ग्रहण का अंतिम चरण पूरा दिखाई नहीं देगा।

2 अगस्त 2027 को सूर्य ग्रहण का सूतक कितने बजे लगेगा

सूर्य ग्रहण का सूतक सामान्यतः स्थानीय ग्रहण स्पर्श से 12 घंटे पहले शुरू माना जाता है। चूंकि 2 अगस्त का ग्रहण भारत के अलग-अलग शहरों में अलग समय पर शुरू होगा, इसलिए सूतक का सटीक समय भी शहर के अनुसार बदलेगा।

भारत में ग्रहण की सबसे शुरुआती दृश्यता को आधार मानें तो सूतक काल 2 अगस्त की सुबह करीब 3 बजकर 34 मिनट से माना जा सकता है। दिल्ली में स्थानीय ग्रहण स्पर्श लगभग 3 बजकर 52 मिनट पर है, इसलिए यहां सूतक सुबह करीब 3 बजकर 52 मिनट से माना जाएगा। सूतक ग्रहण समाप्त होने या स्थानीय सूर्यास्त के बाद खत्म होगा।

गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए सूतक संबंधी नियमों में परंपरागत रूप से छूट मानी जाती है। स्वास्थ्य की जरूरत को नजरअंदाज करके भोजन या दवा नहीं रोकनी चाहिए।

सूर्य ग्रहण देखते समय रखें यह सावधानी

आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान भी सूर्य को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित नहीं है। सामान्य धूप का चश्मा, एक्स-रे फिल्म, रंगीन शीशा या मोबाइल कैमरा आंखों को हानिकारक किरणों से सुरक्षा नहीं देता।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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