Sunset Today timing 14 May 2026: दिनभर की भागदौड़ के बाद शाम का समय अपने आप में एक अलग सुकून लेकर आता है। हिंदू धर्म में भी सूर्यास्त के बाद का समय बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इसी वक्त संध्या पूजा और प्रदोष व्रत की आराधना की जाती है। आज 14 मई 2026 को प्रदोष व्रत रखने वाले लोग सुबह से ही यह जानना चाहते हैं कि आज सूरज कितने बजे डूबेगा, पूजा का सही समय क्या रहेगा और व्रत कब खोला जाएगा।
मान्यता है कि प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से जीवन के कष्ट कम होते हैं और मन को शांति मिलती है। ऐसे में अगर आप भी आज प्रदोष व्रत कर रहे हैं, तो यहां जानिए सूर्यास्त से लेकर पूजा और पारण तक का पूरा समय।
आज 14 मई सूर्यास्त कब होगा
आज 14 मई 2026 को देश के अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त का समय थोड़ा अलग रहेगा। दिल्ली-NCR में आज सूर्यास्त करीब शाम 7:05 बजे होगा। वहीं पश्चिम भारत के कुछ शहरों में सूरज थोड़ा देर से डूबेगा, जबकि पूर्वी राज्यों में सूर्यास्त जल्दी हो जाएगा।
सूर्यास्त का समय सिर्फ धार्मिक नजरिए से ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति के लिहाज से भी खास माना जाता है। कई लोग इस समय घर के मंदिर में दीपक जलाते हैं, भगवान शिव का ध्यान करते हैं और कुछ मिनट शांत बैठकर प्रार्थना करते हैं।
आज 14 मई देश के प्रमुख शहरों में सूर्यास्त का समय
| शहर | सूर्यास्त का समय (Sunset Today Timing) |
|---|---|
| दिल्ली (NCR) | शाम 7:05 PM |
| मुंबई | शाम 7:04 PM |
| कोलकाता | शाम 6:10 PM |
| चेन्नई | शाम 6:31 PM |
| बेंगलुरु | शाम 6:39 PM |
| हैदराबाद | शाम 6:45 PM |
| अहमदाबाद | शाम 7:14 PM |
| जयपुर | शाम 7:10 PM |
| लखनऊ | शाम 6:49 PM |
| पटना | शाम 6:22 PM |
| भोपाल | शाम 6:57 PM |
| चंडीगढ़ | शाम 7:09 PM |
| पुणे | शाम 7:00 PM |
| सूरत | शाम 7:10 PM |
| वाराणसी | शाम 6:36 PM |
आज प्रदोष व्रत की पूजा कितने बजे करें
प्रदोष व्रत की पूजा हमेशा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है। आज ज्यादातर शहरों में शाम 7:10 बजे से रात 8:30 बजे के बीच पूजा करना शुभ माना जा रहा है।
इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। कई लोग शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाते हैं। मान्यता है कि इस समय “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से मन शांत रहता है और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
आज प्रदोष व्रत कब खुलेगा
प्रदोष व्रत रखने वाले लोग आमतौर पर शाम की पूजा और आरती के बाद ही व्रत खोलते हैं। यानी आज सूर्यास्त और शिव पूजा पूरी होने के बाद पारण किया जा सकता है।
कई लोग व्रत खोलते समय फल या हल्का सात्विक भोजन लेते हैं। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और सच्चे मन से रखा गया प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा दिलाता है और घर में सुख-शांति बनाए रखने में मदद करता है।
वैज्ञानिक नजरिए से भी शाम के समय कुछ देर ध्यान या प्रार्थना करना मानसिक तनाव कम करने और मन को रिलैक्स रखने में मददगार माना जाता है।
