अध्यात्म

सुन्दर मुंदरिए तेरा कौन विचारा (Sundar Mundariye Lohri Lyrics): सुन्दर मुंदरिए हो.. तेरा कौन विचारा दुल्ला भट्टीवाला हो के बोल लिखित में, अब बिना भूले गाएं

Sundar Mundariye Lohri Song Lyrics in Hindi, सुन्दर मुंदरिए तेरा कौन विचारा…, , ਸੁਨਦਰ ਮੁਨਦਰੀਏ ...ਹੋ - (Sunder Mundrie Ho!): सुन्दर मुंदरिए तेरा कौन विचारा, दुल्ला भट्टीवाला... इस पंजाबी गाने के बिना लोहड़ी का त्योहार अधूरा नजर आता है। यहां से आप सुन्दर मुंदरिए गीत के पूरे बोल यानी लिरिक्स देख सकते हैं।

Image

सुन्दर मुंदरिए तेरा कौन विचारा लोहड़ी गीत लिरिक्स (pc: canva)

सुन्दर मुंदरिए तेरा कौन विचारा (Sundar Mundariye Lohri Lyrics): आज यानी 13 जनवरी को लोहड़ी मनाई जा रही है और हर दूसरी गली से सुन्दर मुंदरिए की गुनगुनाहट सुनाई दे रही है। आज की रात तो आग के चारों ओर घेरा बनाकर बच्चे और बड़े इसी गाने को गाते नजर आएंगे। साथ में रेवड़ी, मूंगफली, गजक बांटी जाएगी। बात करें इस गीत की तो इस गीत के बोल सवाल-जवाब शैली में हैं, जो लोकसंवाद की परंपरा को दर्शाते हैं। तो अगर आज की रात आपको भी ये गीत गाना है तो यहां से आप इसके पूरे लिरिक्स यानी बोल देख सकते हैं।

सुन्दर मुंदरिए गीत लिरिक्स (Sunder Mundriye Song Lyrics)-

सुन्दर मुंदरिए

तेरा कौन विचारा

दुल्ला भट्टीवाला

दुल्ले दी धी व्याही

सेर शक्कर पायी

कुड़ी दा लाल पताका

कुड़ी दा सालू पाटा

सालू कौन समेटे

मामे चूरी कुट्टी

जिमींदारां लुट्टी

जमींदार सुधाए

गिन गिन पोले लाए

इक पोला घट गया

ज़मींदार वोहटी ले के नस गया

इक पोला होर आया

ज़मींदार वोहटी ले के दौड़ आया

सिपाही फेर के ले गया

सिपाही नूं मारी इट्ट

भावें रो ते भावें पिट्ट

साहनूं दे लोहड़ी

तेरी जीवे जोड़ी

साहनूं दे दाणे तेरे जीण न्याणे

सुन्दर मुंदरिए गीत का इतिहास

सुन्दर मुंदरिए पंजाब का फेमस लोकगीत है, जिसे खासतौर से लोहड़ी पर्व के अवसर पर गाया जाता है। इसका इतिहास लोकपरंपरा से जुड़ा है। ये गीत मुगल काल (विशेषकर 16वीं शताब्दी) से जोड़ा जाता है। गीत में दुल्ला भट्टी का नाम आता है। दुल्ला भट्टी पंजाब के एक लोकनायक थे, जिन्हें पंजाब का रॉबिन हुड भी कहा जाता है। कहा जाता है कि दुल्ला भट्टी ने अत्याचारों से पीड़ित गरीब लड़कियों की रक्षा की, उनका कन्यादान किया और उन्हें सम्मानपूर्वक बसाया। गीत में सुंदर मुंदरीए और हो.. जैसे उद्गार उसी लोककथा की स्मृति हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article