अध्यात्म

Ganesh Ji Ki Kahani: सोमवती अमावस्या पर सुनें श्री गणेश की कहानी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 20, 2023, 07:20 PM IST

Ganesh Ji Ki Kahani Or Somvati Amavasya Katha In Hindi: सोमवती अमावस्या का रखा है व्रत तो जरूर पढ़ें ये व्रत कथा। हर कामना होगी पूर्ण।

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सोमवती अमावस्या पर सुनें गणेश जी की कहानी

Ganesh Ji Ki Katha: आज सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। कई लोग सोमवती अमावस्या के दिन व्रत भी रखते हैं। ये व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। कोई भी व्रत बिना कथा के अधूरा माना जाता है। यहां हम आपको एक ऐसी व्रत कथा के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे आप किसी भी व्रत में पढ़ या सुन सकते हैं। ये कथा गणेश जी और बुढ़िया माई से जुड़ी हुई है। कहते हैं जो व्यक्ति इस कथा को सच्चे मन से सुनता या पढ़ता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। सोमवती अमावस्या पर गणेश जी की कहानी यहां देखें।

गणेश जी की कहानी (Ganesh Ji Ki Kahani In Hindi)

एक बुढ़िया माई थी। मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। रोज गणेश जी की मूर्ति बनाती है और वो रोज ही गल जाती थी। उस बुढ़िया के घर के सामने एक सेठ का मकान बन रहा था। बुढ़िया मकान बनाने वाले कारीगर के पास जाकर बोली भाई मेरे मिट्टी के गणेशजी रोज गल जाते हैं। आप मेरी पूजा के लिए पत्थर के गणेशजी बना दो, आपकी बड़ी कृपा होगी।

'मकान बनाने वाला कारीगर बोला-' 'माई! जितनी देर में हम तुम्हारे लिए गणेश जी बनाएंगे उतनी देर में तो सेठजी की दिवार पुरी कर देंगे। बुढ़िया ये सुनकर दु:खी मन से अपने घर वापिस आ गई। वहीं दूसरी तरफ दिवार पूरी करते- करते शाम हो गई लेकिन दिवार बनने से पहले ही टेढ़ी हो जा रही थी।

शाम को सेठजी आए उन्होंने पूछा कि आज कुछ काम नहीं किया? तब मकान बनाने वाले कारीगर ने बुढ़िया वाली बात बताई। तब सेठजी ने बुढ़िया माई से जाकर कहा- ' 'माई! तुम हमारी दीवार सीधी कर दो तो हम तुम्हें सोने के गणेश जी बनवाकर देंगे।" गणेश जी ने यह सुनते ही सेठ जी की दीवार सीधी कर दी। सेठ जी ने बुढ़िया माई को पूजा के लिए सोने के गणेश जी बनवा कर दिए। गणेश जी को पाकर बुढ़िया माई बहुत प्रसन्न हुई।

हे बिन्दायक जी महाराज! जैसे आपने सेठ जी की दीवार सीधी करी वैसे ही कहते- सुनते हमारे भी सभी कार्य सीधे करना।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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