Somvati Amavasya 2025 Par Kya Karna Chahiye: सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन किए गए उपाय, दान और पूजा से पितृ दोष, चंद्र दोष और जीवन की बाधाओं का निवारण होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन अगर पत्नी अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत करे और पीपल वृक्ष की परिक्रमा करे, तो उसे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं सोमवती अमावस्या का व्रत मनुष्य की सारी मनोकामनाओं की पूर्ति कर देता है। चलिए आपको बताते हैं सोमवती अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए।
सोमवती अमावस्या पर क्या करना चाहिए (Somwati Amavasya Par Kya Karna Chahiye)
- सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। या फिर घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- इसके बाद पीपल के पेड़ की 7, 11 या 108 बार परिक्रमा करें।
- पेड़ पर घी का दीपक जलाएं, जड़ों में जल चढ़ाएं और पेड़ के तने पर कच्चा सूत लपेटें।
- इिसके बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करें।
- जल, तिल, कुश और अक्षत से पिंड दान करें।
- ब्राह्मणों को भोजन कराएं।
- इस दिन व्रत रखकर "ॐ सोम सोमाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें।
- जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, छाता, चप्पल, जल से भरा कलश आदि दान करें।
- गाय, कुत्ता, कौवा आदि को भी भोजन खिलाएं।
सोमवती अमावस्या पर क्या न करें? (Somvati Amavaya Par Kya Na Kare)
- इस दिन कटु वचन, झगड़ा, अपवित्र आचरण या नकारात्मक सोच से बचें।
- इस दिन शराब, मांसाहार, लहसुन-प्याज का सेवन न करें।
- पेड़-पौधों की कटाई-छंटाई न करें।
सोमवती अमावस्या के उपाय (Somvati Amavasya Ke Upay)
- प्रातः स्नान के बाद पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। सात परिक्रमा करें और जल अर्पित करें। "ॐ नमः शिवाय" या "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करें। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।
- इस दिन पितरों का तर्पण जरूर करें। इससे जीवन की सभी बाधाएं दूर हो जाएंगी। पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए "ॐ पितृभ्यः नमः" मंत्र का जाप भी जरूर करें।
- गंगा, यमुना या किसी तीर्थ स्थान में स्नान करें। कहते हैं इससे सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है।
- चंद्रमा से संबंधित दोष हो तो सफेद वस्त्र, चावल, दूध का दान करें।
सोमवती अमावस्या दान (Somvati Amavasya Daan)
सोमवती अमावस्या पर काले तिल, चावल, वस्त्र, छाता, गाय को हरा चारा, जल से भरे घड़े, जूते-चप्पल, ब्राह्मणों को भोजन, सफेद चीज़ें जैसे दूध, चावल, चीनी इत्यादि का दान करने से ग्रह दोषों से मुक्ति मिलेगी और जीवन में सुख-शांति आएगी।
