अध्यात्म

Skanda Purana: स्कंद पुराण की इन बातों का करें पालन, जीवन में आएंगे सकारात्मक बदलाव

Skanda Purana: स्कंद पुराण भगवान शिव जी के बड़े पुत्र कार्तिकेय के स्कंद नाम पर लिखा गया है। इस पुराण में भगवान भोलेनाथ की महिमा का वर्णन किया गया है। इस पुराण में बहुत सारी ऐसी बाते कही गई हैं। जिनका पालन करके व्यक्ति अपने जीवन को सकारात्मक दिशा दे सकता है।

Image

Skanda Purana

Skanda Purana Path Benefits: स्कंद पुराण में भगवान कार्तिकेय द्वारा जिनका एक नाम स्कंद भी है, भगवान शिव की महिमा का उल्लेख किया गया है। सनातन धर्म में वेद और पुराणों का विशेष महत्व है। स्कंद पुराण का भी शास्त्रों में खास महत्व है। इस पुराण में शिव की महिमा के साथ- साथ बहुत सारे व्रत, त्योहारों के महत्व के बारे में बताया गया है। स्कंद पुराण पुराणों के क्रम में 13 वां पुराण है। ये खंड और संहितात्मक दोनों ही रूप में लिखा गया है। इस पुराण में 81 हजार श्लोक निहित है। स्कंद पुराण में बहुत सारी ऐसी बातों का भी उल्लेख किया गया है। जिनको अपनाकर जीवन में सफलता हासिल की जा सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं स्कंद पुराण की किन बातो का हमे जीवन में पालन करना चाहिए।

स्कंद पुराण की खास बातें (Skanda Purana Path)

गृहस्थ जीवन

स्कंद पुराण में जिस व्यक्ति के पास स्त्री,पुत्र, घर, धर्म, धन और खेत ये चीजें होती हैं। उनका गृहस्थ जीवन सफल होता है।

तुलसी का महत्व

स्कंद पुराण में तुलसी के पौधे का महत्व बताया गया है। जिस घर में तुलसी का पौधा होता है और हर रोज उनकी पूजा होती है। वहां पर मां लक्ष्मी का वास होता है। इसके साथ ही हर रोज तुलसी में जल देने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और यम के भय से भी मुक्ति मिलती है।

स्कंद पुराण पाठ महत्व

स्कंद पुराण का पाठ करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं। इसमें महाकथा का वर्णन किया गया है। जिसमे भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंग का महत्व बताया गया है। इसका पाठ करने से साधक पर शिव की कृपा बनी रहती है।

वैशाख स्नान महत्व

स्कंद पुराण में वैशाख के महीने का खास महत्व बताया गया है। इस पुराण के वैष्णव खंड के अध्याय चार में वैशाख का महात्मय बताया गया है। इस महीने में शरीर में तेल लगाना, दिन में सोना और दोनों समय भोजन करना वर्जित माना गया है। इस में कहा गया है कि इस महीने में पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस महीने में स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

वैशाखे मेषगे भानौ प्रात: स्नानपरायण:।

अध्यं तेहं प्रदास्यामि गृहाण मधुसूदन।।

बिना निमंत्रण ना जाएं

स्कंद पुराण के महेश्वर खंड में इस बात को विस्तारपूर्वक समझाया गया है कि कहीं भी बिना बुलाए जानें का क्या परिणाम होता है। इसमे कहा गा है कि मनुष्य को कभी उस जगह नहीं जाना चाहिए, जहां से उसे निमंत्रण ना आया हो। यदि हम बिना बुलाए किसी के घर पहुंच जाते हैं तो हमे अपमान का सामान करना पड़ सकता है।

पौराणिक कथा का ज्ञान

स्कंद पुराण में चंद्र कथा, तारकासुर वध कथा, समुंद्र मंथन कथा, गंगा अवतरण कथा, सती दाह कथा इन सभी कथाओं का वर्णन मिलता है। इन सभी कथाओं का पाठ करने से अलग- अलग शुभ फल की प्राप्ति होती है।

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

अध्यात्म और ज्योतिष की दुनिया बेहद दिलचस्प है। यहां हर समय कुछ नया सिखने और जानने को मिलता है। अगर आपकी अध्यात्म और ज्योतिष में गहरी रुचि है और आप इस ... और देखें

End of Article