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Shree Krishna Janmashtami 2025 Chand Kab Niklega:: जन्माष्टमी पर चांद कितने बजे निकलेगा? जानें, आपके शहर में कितने बजे मनाई जाएगी कृष्ण जन्माष्टमी

Krishna Janmashtami 2025 Vrat Puja Muhurat, Katha (मून राइज टाइम टुडे ) Chand Ka Time Delhi NCR, Lucknow, Jaipur, Patna, Mumbai Chandrodaya Ka Time, Janmashtami Ka Chand Kab Niklega (चंद्रोदय का समय ): आज जन्माष्टमी है और जन्माष्टमी के दिन आपके शहर में चांद कितने बजे निकलने वाला है ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां दिल्ली से लेकर पटना और मुंबई तक की जानकारी है।

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जन्माष्टमी 2025 पर चांद निकलने का समय (photo source: canva)

Krishna Janmashtami 2025 Vrat Puja Muhurat, Katha (मून राइज टाइम टुडे ) Chand Ka Time Delhi NCR, Lucknow, Jaipur, Patna, Mumbai Chandrodaya Ka Time, Janmashtami Ka Chand Kab Niklega (चंद्रोदय का समय ): श्री कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा आज होने वाली है। कहते हैं कि कृष्ण जन्माष्टमी के दिन चांद बाकी दिनोंं के मुकाबले देरी से निकलता है। वैसे तो संकष्टी चतुर्थी या सकट चौथ और करवाचौथ पर ही चांद की पूजा होती है लेकिन कुछ लोग जन्माष्टमी के दिन भी चांद की पूजा करते हैं। यहां से आप कृष्ण जन्माष्टमी के दिन चांद निकलने का समय जान सकते हैं। यहां देश के हर शहर के चंद्रोदय यानी चांद निकलने का समय दिया गया है।

जन्माष्टमी 2025 पूजा शुभ मुहूर्त-

जन्माष्टमी के दिन कान्हा जी की पूजा का शुभ समय रात 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक है। यानी पूजा करने के लिए समय की कुल अवधि मात्र 43 मिनट है।

दिल्ली में चांद कितने बजे दिखेगा (Today Moon Rise Time In Delhi)

दिल्ली में चांद 16 अगस्त 2025 के दिन शाम 11 बजकर 33 मिनट पर नजर आएगा।

मथुरा-वृंदावन में चांद कितने बजे दिखेगा (Today Moon Rise Time In Mathura-Vrindavan)

मथुरा-वृंदावन में 16 अगस्त के दिन चांद निकलने का समय 11 बजकर 33 मिनट है।

हरियाणा में चांद कितने बजे दिखेगा (Today Moon Rise Time In Haryana)

हरियाणा में जन्माष्टमी के दिन 11 बजकर 39 मिनट पर चांद निकलेगा।

Janmashtami Par Chand Nikalne Ka Time 2025 (कृष्ण जन्माष्टमी के दिन चांद कितने बजे निकलेगा 2025)

शहर का नामचांद निकलने का समय 2025
भोपाल11:44 PM
मथुरा11:33 PM
रायपुर11:32 PM
वृंदावन 11:32 PM
रांची11:14 PM
नोएडा11:01 PM
लखनऊ11:22 PM
गुरुग्राम11:33 PM
कानपुर11:22 PM
चण्डीगढ़11: 32 PM
बेंगलुरु11:14 PM
मुम्बई12:00 AM
चेन्नई11:56 PM
जयपुर 11:42 PM
हैदराबाद11:54 PM
अहमदाबाद12:00 AM
कोलकाता12:01 AM
पटना 11:08 PM

जन्माष्टमी के दिन चांद की पूजा क्यों की जाती है?

कृष्ण जन्माष्टमी अष्टमी तिथि की रात यानी आधी रात के करीब मनाई जाती है, जब चंद्रमा आकाश में होता है। इसलिए चांद को देखकर जन्म की शुभता मानी जाती है। कहते हैं कि जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा की पूजा से मन और वातावरण दोनों में शांति आती है। इससे भगवान कृष्ण की कृपा बनी रहती है। जन्माष्टमी का व्रत और पूजा चांद के दर्शन और पूजा के बिना अधूरी मानी जाती है। चांद दर्शन से व्रत का फल बढ़ता है और पूजा सफल होती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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